राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना, संकट में किसानों को 2 लाख रुपये तक की मदद

पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम फसल बीमा योजना के बाद राजस्थान सरकार किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के माध्यम से सरकार किसानो को आर्थिक मदद दे रही है। यह योजना खेती के दौरान या कृषि से जुड़े कार्यों में दुर्घटना होने पर किसानों और श्रमिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। खेतों में काम करने से लेकर मंडी में फसल बेचने तक यदि किसान या कृषि श्रमिक किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं, तो सरकार की ओर से मृत्यु होने पर या घायल होने पर आर्थिक सहायता दी जाती है।
क्या है मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना
राजस्थान सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना की शुरुआत की थी। पहले यह योजना राजीव गांधी कृषक सहायता योजना के नाम से जानी जाती थी। इसके तहत खेती करते समय या कृषि कार्य से जुड़े किसी भी कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर पीड़ित किसान या उनके परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाती है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों, खेतों में काम करने वाले मजदूरों, मंडी समिति से जुड़े श्रमिकों और कृषि से संबंधित अन्य कार्यों में लगे लोगों को संकट की घड़ी में आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है।
पात्रता
- राजस्थान के किसान और खेतीहर मजदूर
- मंडी समिति से लाइसेंस प्राप्त श्रमिक
आवेदन की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है।
पहला चरण:
आवेदक को सबसे पहले राजस्थान SSO (Single Sign-On) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Register विकल्प पर क्लिक करें। जन-आधार नंबर या गूगल अकाउंट के माध्यम से लॉगिन किया जा सकता है। जन-आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद मोबाइल नंबर जोड़कर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
दूसरा चरण:
SSO आईडी से लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड में Raj-Kisan टैब पर जाएं। Farmer Section में जाकर Application Entry Request पर क्लिक करें। यहां भामाशाह या जन-आधार आईडी डालकर पात्र व्यक्ति का चयन करें। इसके बाद आधार वेरिफिकेशन पूरा कर आवश्यक जानकारियां जैसे बैंक खाता विवरण, दिव्यांगता से संबंधित जानकारी और अन्य विवरण भरें। सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर आवेदन सबमिट करें।
जरूरी दस्तावेज
- मेडिकल ऑफिसर द्वारा जारी प्रमाण पत्र
- एफआईआर की कॉपी
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- जहरीले जानवर या ऊंट के काटने की स्थिति में सरकारी डॉक्टर का प्रमाण पत्र
- सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला पंचनामा
किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा लाभ
कुछ विशेष स्थितियों में इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता। इनमें बीमारी के कारण मृत्यु या अंगभंग, आत्महत्या, नशीले पदार्थ के सेवन से मौत, इलाज या सर्जरी के दौरान मृत्यु, मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति, गर्भावस्था या प्रसव के दौरान मृत्यु, दुर्घटना और मृत्यु के बीच 90 दिन से अधिक का अंतर, परमाणु हथियार, युद्ध, गृहयुद्ध, राष्ट्रविरोधी या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने से हुई मृत्यु शामिल हैं। हालांकि, यदि दुर्घटना के बाद लगातार इलाज चल रहा हो और उसी दौरान मृत्यु हो जाए, तो सहायता राशि दी जाती है।
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