Trump ने सीजफायर को एकतरफा बढ़ाया, लेकिन होर्मुज नाकेबंदी जारी! ईरान ने भी दूसरी शांति वार्ता के लिए रखी ये बड़ी शर्त... पढ़े पूरी रिपोर्ट

Iran US Ceasefire Extended: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में फ़िलहाल शांति वार्ता को लेकर मौजूदा हालत बेहद पेचीदा बनी हुई है, लेकिन इसके बीच दोनों देशों से दो बड़ी राहत की ख़बरें सामने आईं हैं। एक तरफ अमेरिका ने एकतरफा युद्धविराम (सीजफायर) को बढ़ाने का ऐलान किया है, वहीं ईरान ने भी युद्ध खत्म करने के लिए सख्त शर्तों के साथ बातचीत की इच्छा जताई है।
पाकिस्तान की अपील पर अमेरिका का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस के X हैंडल से पोस्ट कर कहा कि पाकिस्तान के कहने पर अमेरिका ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को अनिश्चितकाल तक बढ़ा रहा है ताकि ईरान के उच्चाधिकारी इस पर गहराई से सोच-विचार कर सकें। इसका उद्देश्य दोनों देशों को बातचीत के लिए समय देना है।
ट्रम्प ने साफ़ कहा कि इस बार ये सीज़फायर तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान अपनी तरफ से कोई ठोस प्रस्ताव पेश नहीं कर देता। जब तक बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक हमला नहीं होगा, फिर चाहे बातचीत में फैसला कुछ भी हो।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी भी नहीं हटेगी। इस कदम को ईरान ने युद्ध जैसी कार्रवाई बताया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान लगातार आर्थिक रूप से टूटता जा रहा है और होर्मुज़ बंद होने की वजह से रोज़ 500 मिलियन डॉलर का नुकसान झेल रहा है।
ईरान की शर्त: पहले हटे नाकाबंदी
वहीं, दूसरी तरफ ईरान ने भी साफ़ कर दिया है कि वह युद्ध रोकने के लिए अमेरिका से बातचीत करने को राज़ी है, लेकिन ईरान केवल तभी बातचीत करेगा जब वाशिंगटन होर्मुज़ में की गयी अपनी नाकाबंदी को हटाएगा। ईरान का कहना है कि USA के दबाव और धमकियों के बीच कोई भी शांति वार्ता ईरान को स्वीकार नहीं है।
ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज़ में जो कर रहा है, वह भी सीजफायर का उल्लंघन है।
इस्लामाबाद बैठक पर संकट
इसी के साथ, ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में शांति वार्ता की बैठक में शामिल होने से मना कर दिया है। हालाँकि, ईरान ने किसी दूसरी जगह का ज़िक्र नहीं किया, लेकिन पाकिस्तान में बैठक को नकार दिया।
दोनों देशों ने अभी भी कूटनीतिक समाधान की संभावना से इनकार नहीं किया है, लेकिन हर रोज़ दोनों के बीच हालात बड़ी तेजी से बदलते जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, सीजफायर के बावजूद अमेरिका-ईरान की स्थिति बेहद नाजुक चल रही है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन नाकाबंदी, हॉर्मुज संकट और परमाणु मुद्दों पर मतभेद शांति की राह में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
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