गर्भवती महिला से छेड़छाड़ करने वाले हिस्ट्रीशीटर की कायदे से खिदमत! टूटे पैरों-हाथ के साथ लाया गया जयपुर

Jaipur: जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ करने वाले हिस्ट्रीशीटर राहुल गुर्जर की पुलिस ने कस्टडी में अच्छी खिदमत की है। तभी तो वो टूटे पैरों से चलता हुआ नजर आ रहा है। जी हां, राहुल गुर्जर को जयपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश के मुरैना से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था। राहुल गुर्जर को जब पुलिस राहुल गुर्जर को लेकर जवाहर सर्किल थाने लाई तो उसके पैर टूटे हुए थे। हाथ और पैरों में पट्टी बंधी हुई थी। जिसके बाद ये चर्चा होने लगी कि पुलिस ने राहुल गुर्जर को अच्छी तरह से ट्रीट किया है।
खबर के मुताबिक राहुल गुर्जर की फरारी में मदद करने वाले दो लोगों शुभम अग्रवाल उर्फ सिद्धार्थ और बाबूलाल बराला को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। DCP जयपुर ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 12 अप्रैल को जवाहर सर्किल थाने में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। राहुल गुर्जर पर AK-47 जैसे हथियार की सप्लाई करने की मामला भी सामने या जिसके तहत उस पर आर्म्स एक्ट की धारा में केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा लूट, डकैती और छोड़छाड़ जैसे संगीन आरोपों में भी कुल 33 केस दर्ज हैं। मध्य प्रदेश के अलावा जयपुर में ईस्ट जिले में रामनगरिया, सांगानेर और बजाज नगर में केस दर्ज है।
जयपुर के मालवीय नगर में गर्भवती महिला से इसने छेड़छाड़ की थी , हिस्ट्रीशीटर की हालत देख लो
ये तो एक टांग पर भी नहीं चलना चाहिये 😔🙏 pic.twitter.com/EyDQQeH6JO
— राजस्थानी काका 💪🙏 (@Rajsthanikaka) April 17, 2026
25 अप्रैल को हुई थी घटना
दरअसल 25 मार्च की शाम को जवाहर सर्किल थाना इलाके में गर्भवती महिला से राहुल गुर्जर ने छेड़छाड़ की थी। महिला ने 26 मार्च को जवाहर सर्किल थाने में शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज ही नहीं किया था। लापरवाही बरतने पर एक ASI और हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। वहीं SHO आशुतोष सिंह को चार्जशीट दी गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी को थाने पर बुलाया था लेकिन छोड़ दिया था। दूसरी तरफ, पुलिस ने राजन के दोस्त और स्पा सेंटर चलाने वाले सिद्धार्थ को भी हिरासत में लिया है।
मध्य प्रदेश में सरेंडर करने पहुंचा था आरोपी
आरोपी हिस्ट्रीशीटर मुरैना के कोर्ट में सरेंडर होने गया था। लेकिन आप उसकी चतुराई तो देखिए वो वहां पर दाढ़ी-मूंछ हटवाकर पहुंचा था ताकि जयपुर पुलिस की नजर से बचा जा सके और जयपुर केस से बचने तक यहां की जेल में समय काट सके। बता दें कि जिस केस में वो सरेंडर होने गया था वो जयपुर के छेड़छाड़ का नहीं बल्कि 2018 में उसकी एक डकैती का था।
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