SIR पर विधानसभा में जबरदस्त हंगामा, सदन में ही भिड़े नेता प्रतिपक्ष जूली और मंत्री पटेल

Rajasthan Assembly Budget Session: विधानसभा में सदन की कार्रवाई के दौरान उस वक्त जबरदस्त हंगामे के हालात बन गए जब SIR के मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी बहस हो गई। टीकाराम जूली ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम इस मुद्दे पर जांच की बात कर रहे हैं हम प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रहे। कहां से आए वो बंडल, कहां भेजे आपने?
जो विषय राजस्थान का नहीं उस पर सरकार क्यों करे जांच
दरअसल सदन में SIR पर एक सवाल का जवाब संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ये विषय राजस्थान का है ही नहीं। ये राष्ट्रीय चुनाव आयोग का विषय है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से जुड़ा काम निर्वाचन आयोग किया जाता है ये उनका अधिकार है। ऐसी स्थिति में मतदाता सूची से जुड़े काम का नियंत्रण आयोग के पास है।
'जांच के लिए कह रहे, प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रहे'
पटेल के इस जवाब पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष ने परमिशन दे दी तो आप कहां से नियम लेकर आए हैं? हम प्रक्रिया पर सवाल नहीं कर रहे, हम तो फर्जीवाड़े की खबरों की जांच के लिए कह रहे हैं, इसकी मांग कर रहे हैं। टीकाराम जूली ने कहा कि जांच की मांग पर सरकार को ऐतराज नहीं होना चाहिए।
फिर जोगाराम पटेल ने कहा कि ये संविधान के प्रावधानों के विपरीत है। ये राजस्थान सरकार के अधीन ही नहीं है और जो राजस्थान की है ही नहीं उसकी जांच का अधिकार ना तो सरकार को है और ना ही उसकी विषय-वस्तु नहीं।
कहां से आए बंडल, सरकार जांच क्यों नहीं कराती- नेता प्रतिपक्ष जूली
इस पर जूली ने कहा कि क्या राजस्थान में चुनाव नहीं होंगे, क्या पंचायत चुनाव नहीं होंगे। सरकार उसकी जांच करा लें कि बंडल कौन देकर गया, चोर की दाढ़ी में तिनका है, गृह राज्य मंत्री बेढ़म यहां बैठे हैं, वे जांच कराएं इसकी, कौन देकर गया बंडल, कहां गए, जयपुर से इसके बाद जोगाराम पटेल और जूली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और सदन में दोनों पक्षों के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भारी हंगामे के बीच सदन स्थगित कर दिया। 2 बजे फिर से जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, कुछ सेकेंड्स बाद ही फिर आधे घंटे के लिए स्थगित हो गई।
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