घर से मिले थे जले हुए नोट - इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने पद से दिया इस्तीफा

Justice Yashwant Verma Resignation: कुछ महीनों पहले जिस जज के घर आग लगने पर फायर फाइटर्स को घर से जले हुए नोटों की गड्डियां मिली थीं, उस जज ने इस्तीफ़ा दे दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा ने 9 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया।
अपने इस्तीफे में यशवंत वर्मा ने लिखा - मैं आपके सम्मानित कार्यालय को वो कारण नहीं बताना चाहता, जिनकी वजह से मुझे यह पत्र लिखना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी बड़े दुख के साथ मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश पद से तुरंत प्रभाव से अपना इस्तीफ़ा दे रहा हूँ। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।
दरअसल, 14 मार्च 2025 को यशवंत वर्मा के दिल्ली में स्थित बंगले में आग लग गई थी। जब अग्निशमन दल आग बुझाने पहुंचा, तो उन्हें आग बुझाते समय बंगले के आउटहाउस में भारी मात्रा में कैश और नोट मिले थे, जो आग में जल गए थे। घटना का विडियो तुरंत ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक जांच शुरू की और यशवंत को दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया।
जाँच में यशवंत वर्मा ने बताया कि जो जले हुए नोट थे, वो घर के आउटहाउस से मिले थे और वो हिस्सा सिर्फ घर में काम करने वाले लोग ही इस्तेमाल करते हैं। उनका उन नोटों से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन, जाँच समिति ने फैसला किया कि उनके बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट की समिति ने मामले में जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया। तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने इस रिपोर्ट के आधार पर यशवंत वर्मा को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग की सिफारिश की थी। वर्मा ने समिति की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
अब यशवंत वर्मा का यह इस्तीफा कैश कांड और महाभियोग की प्रक्रिया के बीच आया है।
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