बेंगलुरु में कर्ज के बोझ से टूटा आदमी: मां-बहन और भांजे का गला रेतकर की खुदकुशी की कोशिश, दो की मौत

Bengluru: क़र्ज़ के बोझ के तले दबा आदमी किस कदर खौफ़नाक कदम उठा सकता है, इसका कोई अंदाज़ा नहीं। कर्नाटक के बेंगलुरु में ऐसी खौफ़नाक घटना घटी है, जहाँ कर्ज की मार झेल रहे एक आदमी ने अपने परिवार के तीन लोगों- माँ, बहन और भांजे का गला रेतकर खुद आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना में आरोपी की मां और बहन की मौत हो गई, जबकि वह खुद और भांजा गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।
जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय आरोपी मोहन चिट फंड का काम करता था। वह 5 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की रकम का लेन-देन करता और दिवाली जैसे त्योहारों में चिट फण्ड स्कीम चलाता था। अपने काम और खर्चीली आदतों के चलते उस पर इतना ज्यादा कर्ज़ा चढ़ गया, जिसे वो चुका नहीं पाया और ख़ुदकुशी व हत्या जैसा खौफ़नाक कदम उठा लिया।
कर्जे के बोझ के चलते मोहन ने शनिवार रात अपने घर में सबसे पहले अपनी 55 साल की मां आशा और 34 वर्षीय बहन वर्षिता का गला काट दिया। इसके बाद उसने अपने 11 साल के भांजे मयंक का भी गला काटा और बाद में आत्महत्या करने की कोशिश की। आत्महत्या से पहले अपने रिश्तेदारों को एक वीडियो भी भेजा, जिसमें कर्ज और ख़ुदकुशी के बारे में बताया।
जब रिश्तेदार मोहन के घर पहुंचे, तो मेन गेट बंद मिला। जब रिश्तेदार पीछे के दरवाजे से अंदर घुसे, तो चारों घायल पड़े हुए थे। उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दी और चारों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने आशा और वर्षिता को मृत घोषित कर दिया गया। मोहन और उसके भांजे मयंक को बचा लिया गया, लेकिन उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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