क्या मल्लिकार्जुन खड़गे जाएंगे जेल? बीजेपी-RSS को ज़हरीला सांप कहना पड़ेगा महंगा

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे फिर से विवादों में घिर गए हैं। अब खड़गे के केरल और असम के चुनावी सभाओं में दिए गए बयानों पर खासा विवाद हो रहा है। इन बयानों पर खड़गे के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत भी हो गई है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि खड़गे पर जो केस दायर हुए हैं, अगर इसमें खड़गे दोषी पाए जाते हैं तो उन पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
खड़गे ने केरल के इडुक्की (Idukki) में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "केरल के लोगों को गुमराह मत कीजिये, वे बहुत समझदार और शिक्षित हैं PM मोदी (Narendra Modi) और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन- आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के अनपढ़ों को मूर्ख बना सकते है लेकिन केरल के लोगो को मूर्ख नहीं बना सकते।“ खड़गे के इस बयान के बाद गुजरात के लोगों में भारी गुस्सा है और इसके बाद खड़गे ने अपने सोशल मीडिया पर माफ़ी भी मांग ली है।
असम में दिया सांप वाला बयान
दूसरा 6 अप्रैल को असम के श्रीभूमि जिले में एक चुनावी रैली में विवादित बयान दिया है। दरअसल, खड़गे ने भाजपा-RSS की तुलना असम में भाषण देने के दौरान जहरीले सांप से कर दी है। उन्होंने कहा, "अगर आप नमाज पढ़ रहे हैं और जहरीला सांप आ जाए तो नमाज छोड़कर उसे मारना है, ये कुरान में कहा गया है। ये RSS और बीजेपी जहरीले सांप हैं इनको नहीं मारेंगे तो आप बचेंगे नहीं।"इसके बाद खड़गे के खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी है।
उन पर शांति भंग करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि खड़गे के इन बयानों से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। आरोप हैं कि ऐसे बयान समाज में नफरत फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम करते हैं। इससें असम के मूल निवासियों के बीच झड़पें भी हो सकती हैं। रंजीव कुमार शर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में लिखा कि खड़गे शत्रुता बढ़ावा देने और सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। भाषण का सोशल मीडिया लिंक भी सबूत के रूप में FIR के साथ जोड़ा गया है।
FIR दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
भाजपा नेताओं का कहना है कि खरगे के बयान न सिर्फ भाजपा और RSS को अपमानित करते हैं, बल्कि पूरे समाज में विभाजन पैदा करने वाले हैं। पार्टी ने मांग की है कि पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द एक्शन लें। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। वशिष्ठ थाने के अधिकारी-प्रभारी ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
कानून क्या कहता है?
1-जान से मारने की धमकी (Death Threat/Criminal Intimidation) ये आरोप भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 351(3) के अंतर्गत आता है। आरोपी पर इस अपराध में अपराध की गंभीरता के अनुसार अधिकतम 7 वर्ष का कारावास/जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
2-मान मर्यादा एवं प्रतिष्ठा को धूमिल करना (मानहानि/Defamation) ये आरोप भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 के अंतर्गत आता है। ये एक गैर-संज्ञेय (जमानती) अपराध है। इस प्रावधान में आरोपी के इरादे और उसकी मंशा की गंभीरता के अनुसार आरोपी पर अधिकतम 2 वर्ष का कारावास जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
3-हिंसा भड़काने, दंगा उकसाने या सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश भारतीय कानून के तहत एक गंभीर संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती अपराध है। इसके लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 (पूर्व में IPC 153) के तहत 6 महीने से लेकर 1 साल तक की कैद या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं, भले ही दंगा न हुआ हो।
सबसे अहम कानून
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) के तहत किसी विलुप्त प्रजातियों के वन्यजीव को मारना या मारने की भावना रखना एक गंभीर कानूनी अपराध है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 3 से 7 साल तक की जेल, भारी जुर्माना (₹25,000 से अधिक) या दोनों सजाएं हो सकती हैं। विशेष रूप से कोबरा और अन्य जहरीली प्रजातियां, इस कानून के तहत संरक्षित हैं।
कंटेंट एंड रिसर्च- एडवोकेट प्रत्यूष तिवाड़ी, कानूनी विशेषज्ञ
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