पाक-अफगान युद्ध में 300+ मौतें! ट्रंप का दावा - 'शांति दूत' बन सकता हूँ, लेकिन अभी पाकिस्तान का प्रदर्शन अच्छा

Pakistan Afghanistan War and Trump Peace Mediator Claim: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा विवाद अब जंग का रूप ले चुका है। दोनों देशों के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा लोगों के मारने और 500 से ज्यादा के घायल होने की खबर आ रही है। और जिस तरह का रिएक्शन और धमकियाँ दोनों तरफ से आ रही हैं, संभव है कि ये युद्ध और भी लम्बा चलेगा।
इन्हीं सब के बीच, युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का भी बयान सामने आया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने इस युद्ध में भी खुद को शांति दूत की तरह पेश करके दोनों देशों के बीच आकर युद्ध को रुकवाने जैसी बातों के संकेत दिए हैं। जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या अमेरिका पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच चल रहे युद्ध में दखल दे सकता है, तो ट्रम्प ने कहा कि अगर ऐसी ज़रुरत पड़ती है, तो अमेरिका ज़रूर इस युद्ध के बीच में आएगा। रशिया-यूक्रेन, इजराइल-पेलेस्टाइन और भारत-पाकिस्तान के युद्ध को रुकवाने को उड़ता क्रेडिट अपने नाम लेने वाले ट्रम्प के मन में अब इस नई शुरू हुई लड़ाई का क्रेडिट भी अपने नाम करने की इच्छा है।
लेकिन ये हुई सिर्फ आधी बात, ट्रम्प ने अपने पूरे बयान में ये कहा कि मैं युद्ध में दखल दे सकता हूँ, लेकिन इस वक़्त मेरे पाकिस्तान के साथ सम्बन्ध काफी अच्छे चल रहे हैं। पाकिस्तान भी इस युद्ध में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। मतलब, एक तरफ तो ट्रम्प भारत का दोस्त बनने की बातें करता है, और दूसरी तरफ पाकिस्तान को सपोर्ट करता है।
साथ ही, क्योंकि पाकिस्तान युद्ध में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, इस पर अमेरिका के दखल नहीं देने की भी एक वजह है। वजह ये कि अमेरिका और अफ़ग़ानिस्तान के बीच भी सम्बन्ध सही नहीं है। अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान को एक सरकार के तौर पर स्वीकार नहीं किया है। अमेरिका का कहना है कि तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान आतंकवाद से जुड़े हुए हैं और अल-काएदा जैसे आतंकी संगठनों को समर्थन देते हैं। दूसरी तरफ, तालिबान सरकार भी अमेरिका के सामने झुकने को राज़ी नहीं है।
इसके अलावा, पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने भी भारत को निशाने पर लेते बयान दिया कि पाकिस्तान में हो रहे आतंकी हमलों के पीछे भारत का हाथ है। इन हमलों के लिए भारत अफ़ग़ानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल कर रहा है।
आपको बता दें कि दोनों पक्षों के बीच युद्ध की स्थिति गंभीर होती जा रही है। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, अब तक 274 तालिबानी लड़ाके मारे जा चुके हैं और लगभग 400 घायल हैं। कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के 100 से ज्यादा टैंक्स और मिलिट्री गाड़ियाँ नष्ट की जा चुकी है। सेना की 74 चौकियां उड़ा दी गयी और 18 को पाकिस्तान ने अपने कण्ट्रोल में ले लिया है। साथ ही, पाकिस्तान ने अपने भी 12 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की।
इसी के उलट, तालिबान का कहना है कि अब तक उनके सिर्फ 13 व्यक्तियों की ही मौत हुई है। जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे और दो सैन्य मुख्यालयों सहित कई चौकियां कब्ज़ा ली है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर पाकिस्तान लड़ाई जारी रखता है या फिर से हमला करता है, तो तालिबान और भी कड़ा जवाब देने की ताकत रखता है और देगा भी।
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