'क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं...', लोकसभा में महिला आरक्षण पर विपक्ष से बोले पीएम मोदी, पढ़ें भाषण की 5 बड़ी बातें

PM Modi speech Lok Sabha: महिला आरक्षण बिल पर संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र का आज पहला दिन है। इस मौके पर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन विधेयक 2026 पेश किया। इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटें 850 करनें का प्रस्ताव है। इसमें राज्यों से 815 और केंद्र शासित प्रदेश के लिए 35 सीटें निर्धारित की जाएगी। महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी ने भी आज अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे देश में जब भी चुनाव आया उसमें महिलाओं के अधिकारों का जिसने भी विरोध किया उसका हाल बहुत बुरा हुआ है। आइये जानते हैं पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर क्या कुछ कहा?
1. पीएम मोदी ने महिला आरक्षण पर क्रेडिट को लेकर बड़ा बयान दिया। पीएम ने कहा कि यहां पर कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि इस बिल को लागू कराने के पीछे मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। अगर आप इस बिल का विरोध करेंगे तो राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर आप इसमें हमारा साथ देंगे तो किसी को भी फायदा नहीं होगा। जैसे ही ये बिल पारित होगा मैं एड देकर सभी को धन्यवाद देने को तैयार हूं। मैं आपको क्रेडिट का ब्लैंक चेेक दे रहा हूं
2. पीएम ने कहा कि हमें भ्रम और अहंकार में नहीं रहना चाहिए। यहां मैं तुम्हारी बात नहीं कर रहा हूं। हम देश की नारी शक्ति को उनका हक दे रहे हैं। आज उसका प्रायश्चित कर अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है।
3. पीएम ने कहा कि आज यहां कुछ साथी काले कपड़े पहनकर आए हैं। अच्छे काम में किसी की नजर नहीं इसके लिए काला टीका लगाते हैं। मैं इसलिए आपको धन्यवाद देता हूं। बता दें कि डीएमके के सांसद आज काले कपड़े पहनकर परिसीमन बिल का विरोध करने पहुंचे।
4. पीएम ने कहा कि हमारे संसदीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पंचायती राज व्यवस्था से ही है। लोकतंत्र की जननी के रूप में ये फैसला हमारे कमिटमेंट को दिखाता है। मैंने ग्रासरूट लेवल पर महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को देखा है। आज देश की प्रगति में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है।
5. पीएम ने कहा कि यहां बैठकर हम कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एक रूप में ही सोच सकते हैं। हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है। मोदी ने आगे कहा कि अगर गारंटी चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं। अगर तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं। ऐसे में मेरी नीयत साफ है इसलिए शब्दों का खेल करने की जरूरत भी नहीं है।
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