सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया, केंद्र सरकार ने हिरासत की खत्म - 170 दिनों बाद रिहाई का रास्ता साफ

NSA Dropped from Sonam Wangchuk: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और Environment Activist सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हुई हिरासत को केंद्र सरकार ने ख़त्म कर दिया है। साथ ही, सोनम पर से NSA भी हटा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को सोनम वांगचुक पर से NSA चार्जेज को हटाने का फैसला लिया और कहा कि यह कदम क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
सोनम वांगचुक एक सोशल एक्टिविस्ट हैं और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर 26 सितम्बर’25 को लद्दाख में चल रहे विरोध प्रदर्शन में हिंसा भड़क गयी, जिसके बाद सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में ले लिया गया था। सरकार का आरोप था कि सोनम के भाषणों से क्षेत्रीय व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। हालांकि, वांगचुक ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों से इनकार किया था।
वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद से ही देशभर में बहस और विरोध शुरू हो गया था। हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई, जिसमें हिरासत को चुनौती दी गई।
हिरासत में लेने के बाद सोनम वांगचुक को राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में भेज दिया गया था। अब 170 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
जोधपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक का कहना है कि फ़िलहाल उन्हें भी प्रेस नोट के ज़रिये ही ये खबर मिली है। अभी तक सोनम की रिहाई का कोई ऑफिशियल ऑर्डर नहीं मिला है। प्रशासनिक कार्यवाही के पूरा होने और ऑर्डर मिलने पर उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
गृह मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने सभी पहलुओं पर अच्छे से विचार करने के बाद ही यह फैसला लिया है। केंद्र का कहना है कि यह कदम लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लिया गया है। साथ ही, लद्दाख में कई समुदायों और स्थानीय नेताओं से बातचीत की जा रही है और स्थानीय दिक्कतों के समाधान के लिए हाई-पावर्ड कमिटी भी बनाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से लद्दाख में चल रहे पॉलिटिकल और सोशल दिक्कतों और रुकावटों को कम करने में मदद मिल सकती है।
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