सूरजकुंड मेला हादसा: झूले से फंसे लोगों को बचाते हुए जगदीश प्रसाद ने अपनी जान गँवा दी, अब सरकार देगी शहीद का दर्जा

Surajkund Mela Accident: हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला में हुए एक हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गयी है। शनिवार को शिल्प मेले में झूले का एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद झूले में फंसे लोगों की जान बचाने के चलते ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (Jagdeesh Prasad) ने अपनी जान गंवा दी। इस घटना में 13 अन्य लोग घायल हुए हैं। हरियाणा पुलिस के महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने घोषणा की है कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को शहीद का दर्जा दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, हादसा सूरजकुंड शिल्प मेले में लगे एक बड़े झूले के टूटने से हुआ। शनिवार की शाम करीब 6 बजे झूला चलते-चलते अचानक टेढ़ा हो गया और उसका हिस्सा टूटकर गिर पड़ा। उस वक़्त झूले पर करीब 18 लोग सवार थे, जो वहीँ फंस गए। उस समय मौके पर इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद तैनात थे, और उन्होंने तुरंत फंसे हुए लोगों को बचाने का काम शुरू कर दिया। फंसे हुए लोगों को निकालने के दौरान झूले का ढांचा उनके ऊपर गिर गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। तुरंत ही लोग उन्हें अस्पताल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मार्च 2026 में रिटायर होने वाले थे। लेकिन उसके पहले ही उन्होंने दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान गँवा दी। घटना पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर प्लेटफार्म एक्स पर शोक जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। साथ ही, उन्होंने घायलों को इलाज और और सरकार की तरफ़ से हरसंभव मदद देने की बात कही।
इसके साथ ही, हरियाणा सरकार ने शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान करने की घोषणा की है। हरियाणा पुलिस के DGP अजय सिंघल ने भी इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा की है।
फरीदाबाद पुलिस ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है। यह सूरजकुंड मेले में झूले से जुड़ा तीसरा हादसा बताया जा रहा है, जिससे मेले में आमजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस वजह से प्रशासन ने सभी झूलों की सुरक्षा जांच करने के आदेश दिए हैं।
इस लिंक को शेयर करें