क्या अजित पवार की मौत की रची गयी थी साज़िश? एनसीपी के नेता ने किया बड़ा खुलासा- आखिरी वक़्त पर बदला प्लान

Ajit Pawar Death Conspiracy: प्लेन हादसे में अपनी जान गंवाने राजनेता अजित पवार की मौत को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। NCP के प्रदेश उपाध्यक्ष और अजित के करीबी प्रमोद हिंदूराव ने दावा किया है कि अजित पवार पहले सड़क के रस्ते मुंबई से बारामती जाने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर ही एक फ़ोन कॉल आने से पूरा प्लान बदल गया और उन्हें एयरोप्लेन से जाना पड़ा था, जिसके बाद एयरोप्लेन हादसे में उनकी मौत हो गयी। इस बयान के सामने आते ही सियासी गलियारों में चर्चा तेज़ हो गयी है।
यात्रा योजना में आया अचानक बदलाव
प्रमोद हिंदुराव (pramod hindurao) ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले (27 जनवरी) को अजीत पवार ने सड़क मार्ग से बारामती जाने की पूरी तैयारी कर ली थी। सामान गाड़ी में लोड कर दिया गया था और सब कुछ तय था। लेकिन रात में एक फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया। प्रमोद ने बताया कि फ़ोन प्रफुल पटेल या किसी बड़े व्यक्ति का था। फोन पर व्यक्ति ने कहा कि मंत्रालय में एक ज़रूरी फाइल क्लियर करवानी है।
अजीत पवार ने अपने सचिव को दस्तावेज लाने के लिए कहा, लेकिन फाइल लाने में काफी देर हो गयी थी। फाइल देर रात लगभग 7:30-8 बजे पहुंची। फाइल को पूरा करते-करते काफी देर हो गयी थी। जिसके बाद, समय की कमी के कारण उन्होंने सड़क यात्रा को रद्द कर विमान से जाने का फैसला लिया। लेकिन विमान से जाने के बाद ही उनके साथ हादसा हो गया।
राजनीतिक सवाल और जांच
इस खुलासे के बाद सियासी गलियारों में माहौल थोडा बेचैन हो गया। अजीत पवार के भतीजे और एनसीपी के विधायक रोहित पवार ने पहले भी हादसे से पहले की घटनाओं पर गंभीर सवाल उठाए और साजिश की आशंका जताई थी। साथ ही उन्होंने व्यापक जांच की मांग भी की थी। अब इस नई जानकारी के सामने आने के बाद उन्होंने फिर से बड़ी साज़िश की संभावना की तरफ इशारा किया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) हादसे की जांच कर रहा है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। फडणवीस ने कहा, "जांच पूरी होने दें, उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए।" उन्होंने राजनीतिकरण से बचने की अपील की।
फिलहाल, मामले में जांच चल रही है और DGCA की रिपोर्ट का इंतजार है। उम्मीद है कि यह रिपोर्ट साफ़ करेगी कि क्या यह महज दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह छिपी है। राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें इस रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
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