किरोड़ी मीणा से सहानुभूति या फूट डालो राज करो की पॉलिटिक्स, क्या है कांग्रेस की सॉफ्ट सियासत का सच?

Congress on Kirodi Lal Meena: विधानसभा में पंचायत राज और ग्रामीण विकास पर विचार और पारण पर सदन में चल रही चर्चा उस वक्त बेहत गर्म हो गई जब गोविंद सिंह डोटासरा ने अपना भाषण देना शुरू किया। गोविंद सिंह डोटासरा ने ना सिर्फ बीजेपी के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर (Madan Dilwar) को अपने टारगेट पर लिया बल्कि यहां तक कह दिया कि किरोड़ी लाल मीणा के लिए वो हमेशा खड़े हैं। उन्होंने बार-बार किरोड़ी लाल मीणा का पक्ष लेते हुए सदन को ये जताने की कोशिश की कि किरोड़ी लाल मीणा के साथ बीजेपी ने बहुत गलत किया और कांग्रेस उनके साथ सहानुभूति दिखा रही है। इतना ही नहीं उन्होंने (Govind Singh Dotasra) तो बीजेपी के कद्दावर नेता राजेंद्र राठौड़ का भी नाम लिया और कहा कि वो ही ये एक थे जिन्होंने अफसरों की नाक में दम किया।
किरोड़ी लाल मीणा को छकाने का टास्क बीजेपी के मंत्रियों को- डोटासरा
इस चर्चा पर अपना भाषण देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा एक बात समझ में आ गई कि शिक्षा मंत्री समेत बीजेपी के नेताओं को ये टास्क दिया गया है कि किरोड़ी मीणा को परेशान करना है, उन्हें छकाना है, उनकी योजनाओं को खत्म कर दो। डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा को कहा कि आप चिंता मत करो, आप साढ़ू हो मेरे, आपने जो किया वो तो आपको मिलेगा लेकिन मैं आपके साथ हूं।
गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार नहीं बल्कि अपने भाषण में कई बार किरोड़ी मीणा का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे टाइम पर एक ही आदमी था, जो भले ही हम पर असत्य आरोप लगाए लेकिन माहौल बनाया सरकार लाने के लिए, लेकिन उसकी चीरफाड़ करके ऐसे व्यक्ति को पंचायती राज दे दिया जो पंचायती राज का ‘प’ नहीं समझता और शिक्षा का ‘श’ नहीं समझता। यहां डोटासरा शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की बात कर रहे थे।
किरोड़ी को डिप्टी CM बना दो- डोटासरा
डोटासरा ने यहीं नहीं रुके। उन्होंने तो सत्ता पक्ष से ये भी कह दिया कि किरोड़ी मीणा को पंचायती राज का मंत्री बना दो, कम से कम छापे पड़वाकर थोड़ा हल्ला तो मचाएंगे। डोटासरा ने ये भी कहा कि किरोड़ी को डिप्टी सीएम बना दो।
किरोड़ी ने दो लाइन में दे दिया जबरदस्त जवाब
गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने आधे घंटे के भाषण में जो भी बातें किरोड़ी लाल मीणा के बारे में कहीं, उसका जवाब किरोड़ी लाल मीणा ने महज दो शब्दों में दे दिया और ऐसा दिया कि सदन में ठहाके गूंजने लगे। किरोड़ी लाल मीणा ने गोविंद सिंह डोटासरा से कहा कि जब वे RSS की शाखा में जाते थे तो वहां पर एक कविता गाई जाती थी, कि- पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है सिंहासन, चढ़ते जाना है, सब समाज को लिए साथ है आगे बढ़ते जाना है।
आखिर किरोड़ी को लेकर इतनी सॉफ्ट क्यों हो रही है कांग्रेस?
किरोड़ी और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच इस खट्ठी-मीठी बहस की चर्चा प्रदेश के सियासी गलियारों समेत आम लोगों में भी होने लगी है कि कांग्रेस किरोड़ी मीणा को लेकर कांग्रेस इतनी सॉफ्ट पॉलिटिक्स क्यों कर रही है। क्या है कांग्रेस की फूट डालो-राज करो की नीति है या फिर कांग्रेस को सच में किरोड़ी को कोई बड़ा पद ना मिलने का गम है। क्योंकि ये कोई पहली बार नहीं है जब डोटासरा या कांग्रेस ने किरोड़ी का पक्ष लिया हो या उनसे इतनी सहानुभूति दिखाई हो, पिछले दिनों विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने भी सदन में खुले तौर पर कह दिया था कि किरोड़ी लाल मीणा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए था, उनसे योग्य बीजेपी में कोई नहीं था, उनके साथ गलत हुआ, बीजेपी ने किरोड़ी के साथ गलत किया है। कांग्रेस ने कई बार ये कहा है कि किरोड़ी लाल मीणा को भले ही कृषि मंत्रालय दिया है लेकिन आधे-अधूरे अधिकारों के साथ...। हालांकि किरोड़ी लाल मीणा ने सदन में कांग्रेस के इस कथित प्रपंच का जवाब दिया कि चाहे तो तोप के गोले से उड़ा दो लेकिन किसी भी कीमत पर पार्टी नहीं छोड़ूंगा। ऐसे में कांग्रेस की ये ‘किरोड़ी सॉफ्ट पॉलिटिक्स’ आगे क्या मोड़ लेती है, ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।
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