TUE, 10 FEBRUARY 2026

संसद में नया तूफान! स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष

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राष्ट्रीय
09 Feb 2026, 03:18 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

Congress soon to present No Confidence Motion against Om Birla: हाल ही में लोकसभा में उठे हंगामे और विवादों के बीच विपक्षी दल अब स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। राहुल गाँधी द्वारा एम.एम. नरवणे की किताब पढने को लेकर शुरू हुए विवाद से कांग्रेस में गंभीर नाराज़गी है। अब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहे हैं, जिसका मुख्य वजह है - स्पीकर ओम बिरला द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को बीच में ही रोक देना। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव जल्द ही सदन में पेश किया जा सकता है। हालांकि सदन में बहुमत नहीं मिलने की वजह से इसके पारित होने की संभावना काफी कम है।


विवाद की शुरुआत तब हुई, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव दिया जाना था। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए अपना भाषण देना शुरू किया था, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने बीच में ही नियमों का हवाला दिया और राहुल गाँधी को अपना भाषण पूरा करने से रोक दिया। (Rahul Gandhi Speech)


इस पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्पीकर ओम बिरला बीजेपी की तरफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं, जिसके चलते सदन में हंगामा मच गया। इसके बाद, बिरला ने कहा कि कई कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी। इस बयान से विपक्ष और भड़क गया।


भाषण रोकने के अगले दिन कुछ सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की कुर्सी घेरने और स्पीकर पर कागज़ उछालने की वजह से 8 विपक्षी सांसदों को लोकसभा सत्र से निलंबित कर दिया गया। निलंबित करने के पीछे ये कारण दिया गया कि इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। बहस के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कुछ किताबों का जिक्र किया, जिसने विवाद को और बढ़ावा दिया।


कैसे लाया जाता है अविश्वास प्रस्ताव?

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एक याचिका करनी पड़ती है, जिस पर कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए। इंडिया गठबंधन के पास 240 सांसद हैं, इसलिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव रखना आसान है। लेकिन, प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन में बहुमत की ज़रुरत होती है। क्योंकि कांग्रेस के पास सदन में बहुमत नहीं है, इसलिए प्रस्ताव का गिरना तय माना जा रहा है।


लोकसभा में कांग्रेस के नेता मनिक्कम टैगोर (Manickam Tagore) ने भी स्पीकर पर आरोप लगाया है कि स्पीकर ओं बिरला सदन में एक तरफ का स्टैंड ले रहे हैं। टैगोर ने कहा कि स्पीकर का पद एक तटस्थ पद होता है, लेकिन यहाँ स्पीकर बीजेपी सरकार की सभी कोशिशों में साथ दे रहे हैं, और विपक्ष की आवाज़ को दबा रहे हैं। विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता, और बोलने के दौरान उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। ये विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा, "यह स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाने का मौका है, जो सदन की गरिमा बनाए रखने में विफल रहे हैं।"


इस घटनाक्रम से संसद के कामकाज पर असर पड़ सकता है। विपक्षी नेता अब आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष ने इन आरोपों को निराधार बता रहा है। आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और दिलचस्प हो सकती है।



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