Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध शुरू! किसका साथ दे रहा भारत?

Pakistan Afghanistan War: अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर इस वक्त आग लगी हुई है। रातों-रात आसमान में बमों की बरसात, जमीन पर गोलियों की तड़तड़ाहट, ये साफ संकेत दे रहे हैं कि अब दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो गया है। दरअसल गुरुवार देर रात अफगानिस्तान ने पाकिस्तान सीधा हमला (Afghanistan airstrike on Pakistan) बोला और दावा किया कि उनके इस अटैक में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि सुबह 11 बजे पाकिस्तान के कई मिलिट्री ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। उनके निशाने पर इस्लामाबाद के पास फैजाबाद, नौशेरा आर्मी कैंट, जमरूद की सैन्य कॉलोनी, एबटाबाद के कई पॉइंट भी थे।
पाकिस्तान कर रहा अलग दावा
दूसरी तरफ पाकिस्तान की कहानी बिलकुल उलट है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री का दावा है कि अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की सेना ने हमला किया और 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 घायल हैं तो तालिबान उधर से कह रहा है कि हमारे सिर्फ 8 लड़ाके मारे गए और दो पाकिस्तानी अड्डे और 19 पोस्ट पर कब्जा भी कर लिया। यानी दोनों तरफ से जंग-जैसी बयानबाज़ी, लेकिन सच कौन बोल रहा है, ये कोई नहीं जानता।
अफगानिस्तान पर हमले का है ये जवाब?
आपको यहां ये भी जानना जरूरी है कि ये सब कुछ जो हो रहा है जो अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर हमला किया, वो 22 फरवरी को पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक का जवाबी हमला है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी अब कह रहे हैं कि सब्र का बांध टूट चुका है। अब ये खुला युद्ध है और पाकिस्तान ने इस जंग का नाम ऑपरेशन ग़जब लिल हक भी दे दिया। पाक एयरफोर्स ने काबुल, कंधार, पक्तिका, तीनों पर स्ट्राइक करने का दावा किया।
चीन-रूस ने युद्ध रोकने की अपील की
दूसरी तरफ चीन, रूस और संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों को तुरंत ये जंग रोकने की अपील की है। ईरान ने तो सीधी मध्यस्थता की पेशकश कर दी है। लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर बॉर्डर अभी भी धधक रहा है। जंग शुरू है या शुरू होने वाली है। दुनिया की निगाहें वहीं टिकी हैं। इन सबके बीच ये सवाल भी उठ रहा है कि भारत, इस युद्ध पर किसके साथ रहेगा या उसका क्या स्टैंड रहेगा? सियासी जानकारों का कहना है कि भारत के पाकिस्तान के साथ संबंधों को देखते हुए वो कभी पाकिस्तान का साथ दे, ये तो होने से रहा। दूसरी तरफ भारत के अफगानिस्तान के साथ अच्छे संबंध हैं। कुछ महीने पहले तो तालिबान के मंत्री भी भारत दौरे पर आए थे। हालांकि भारत इस पर अफगानिस्तान से यही कहेगा कि वो शांति से इस मामले को सुलझाए। क्योंकि भारत ने हमेशा शांति का ही पक्ष लिया है फिर चाहे वो रूस-यूक्रेन युद्ध हो..या फिर इजराय-फिलिस्तीन युद्ध हो।
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