शिवचरण माथुर जयंती पर सचिन पायलट का तीखा हमला! आज की राजनीति में जातिगत समीकरण हावी, अच्छे नेता सरपंच तक नहीं बन पाते

Sachin Pilot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शिवचरण माथुर (Late Shivcharan Mathur) की जयंती पर जयपुर में रिफॉर्मिंग गवर्नेंस विषय पर आयोजित विशेष स्मृति समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सचिन पायलट सहित चौधरी नारायण सिंह, डॉ चंद्रभान, बी. डी. कल्ला जैसे कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस सांसद हरीश मीणा ने वर्तमान राजनीति पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि शिवचरण माथुर जैसे सादगीपूर्ण नेता सरपंच तक नहीं बन पाते, क्योंकि आजकल हर चुनाव में जातिगत समीकरण हावी हो गए हैं।

संविधान क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में हरीश मीणा ने कहा कि कोई भी नेता विधायक या सांसद बनते ही सबसे पहले अपने लिए कोठियां और फार्महाउस खड़े कर लेता है। पहले नेताओं के काम करने की नीतियां स्पष्ट होती थीं, लेकिन अब हालत यह है कि पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर अधिकारियों तक को यह तक सही से समझ नहीं आता कि उन्हें क्या करना है। जनता भी नहीं समझ पाती कि उन्हें किसके पास जाना है। उन्होंने कहा कि पहले जब मुख्यमंत्री को आना होता था, तो उनके आने की खबर 5 दिन पहले ही मिल जाती थी और अच्छी व्यवस्थाएं की जाती थीं, जबकि अब हालात बदल गए हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने भी हरीश मीणा की बातों से सहमति जताई, लेकिन उन्होंने कहा कि सारा दोष केवल नेताओं पर नहीं मढ़ा जाना चाहिए। पायलट ने कहा कि सिर्फ नेता ही नहीं, सरकारी अधिकारियों के मकान और बंगले भी कम नहीं हैं। कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाने का मकसद सिर्फ सत्ता का फायदा उठाना नहीं होना चाहिए। नेताओं को अपना समय प्रशासन, योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों पर लगाना चाहिए, सिर्फ राजनीति पर नहीं। लेकिन अभी तो ये हालत है कि नेताओं का 80-90 प्रतिशत समय राजनीतिक चालबाजियों में बीत जाता है।

पायलट ने यह भी कहा कि आजकल नीति-निर्माण का काम अब सिर्फ कुछ गिने-चुने अधिकारियों के हाथों में ही चला गया है और कम ही ऐसे नेता हैं, जो अपनी अलग नज़र रखते हैं। कार्यक्रम में उन्होंने शिवचरण माथुर के जीवन से जुड़े कुछ किस्से बताए। काह कि शिवचरण माथुर ने श्याम नगर में सादा मकान में रहकर अंतिम सांस ली थी।
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