उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों पर गैर-हिन्दुओं का प्रवेश बंद: हर की पौड़ी पर बोर्ड लगे, 47 तीर्थों पर भी रोक की तैयारी

उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों पर गैर-हिन्दुओं का प्रवेश बंद: हर की पौड़ी पर बोर्ड लगे, 47 तीर्थों पर भी रोक की तैयारी
राजनीति
17 Feb 2026, 05:48 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Non Hindus Entry Banned in Temples in Uttarakhand: उत्तराखंड के प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। इसी को लेकर 16 फ़रवरी से हरिद्वार की हर की पौड़ी पर जगह-जगह बोर्ड लग चुके हैं, जिन पर लिखा है – “अहिन्दू प्रवेश निषेध क्षेत्र”। इन बोर्ड पर किसी मंदिर, समिति या किसी संस्था का नाम नहीं लिखा हुआ, लेकिन अगर कुछ लिखा हुआ है, तो ये – “आज्ञा से – म्युनिसिपल एक्ट, हरिद्वार”। अब इसी कड़ी में बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर सहित 47 प्रमुख मंदिरों और तीर्थस्थानों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। गंगा घाट पर ये बोर्ड हरिद्वार म्युनिसिपल एक्ट 1916 के आधार पर लगे हैं।

बद्रीनाथ-केदारनाथ टेम्पल कमिटी के अध्यक्ष और राज्य मंत्री हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिरों में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगना कोई मुद्दा बनना ही नहीं चाहिए, क्योंकि हिन्दुओं के मंदिर और तीर्थ स्थल कोई टूरिस्ट स्पॉट नहीं है। यहाँ सिर्फ हिन्दुओं को ही आना चाहिए। यह फैसला आदि शंकराचार्य द्वारा बनाये गए नियमों और परंपराओं के अनुसार ही है। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ-केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में यह नियम लागू करने पर विचार हो रहा है। बता दें कि गैर-हिन्दुओं में मुस्लिमों और ईसाईयों के प्रवेश पर रोक लगेगी।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर समितियां ही नियम तय कर सकती हैं कि कौन प्रवेश करेगा और कौन नहीं। गंगोत्री धाम में भी गैर-हिंदुओं (मुस्लिम-ईसाई) के प्रवेश पर रोक का फैसला हो चुकी है, हालांकि सिख, जैन और बौद्धों को छूट मिलेगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ के दरवाज़े खुलने के पहले ही ये नियम ज़्यादातर जगहों पर लागू हो जाएगा। अगर कोई चीज़ सनातन की संस्कृति के लिए खतरा बनती है, तो हम उसे रोकने की पूरी कोशिश करेंगे। इसके नियम पहले से बने हुए हैं, बस हम उन्हें वापस ये लागू कर रहे हैं।

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि गैर-हिंदू व्यक्ति तीर्थ स्थलों की पवित्रता भंग कर रहे हैं। मंदिर के क्षेत्र में कई अनधिकृत मजारें बन गयी है और लोग प्रतिबंधित क्षेत्रों में नमाज अदा कर रहे हैं।

गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर उत्तराखंड के वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने भी इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के तीर्थ स्थल मक्का में भी गैर-मुस्लिमों को प्रवेश नहीं मिलता। अगर हिंदू भी अपने तीर्थ स्थलों पर गैर-हिंदुओं के आने पर रोक लगाना चाहते हैं, तो ये गलत नहीं है।" 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मंदिर समितियां, संत समाज और संबंधित पक्ष जो फैसला करेंगे, सरकार उसी के अनुसार चलेगी।

हालाँकि, इसके साथ-साथ कई प्रमुख व्यक्तियों ने ये भी कहा कि गैर हिन्दुओं का प्रवेश केवल निश्चित स्थानों पर ही बंद होगा। उस क्षेत्र के बाहर वे अपना काम कर सकते हैं। 


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