जिस रिफाइनरी का सोनिया गांधी ने किया शिलान्यास उसका लोकार्पण क्यों कर रहे हैं PM मोदी, पढ़िए Inside Story

जिस रिफाइनरी का सोनिया गांधी ने किया शिलान्यास उसका लोकार्पण क्यों कर रहे हैं PM मोदी, पढ़िए Inside Story
राजस्थान
08 Apr 2026, 12:10 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Pachpadra Refinery: बाड़मेर-बालोतरा समेत पूरे राजस्थान की जनता के इंतजार के साल अब बीतने वाले हैं। पचपदरा रिफाइनरी जिसके लोकार्पण के लिए बाड़मेर की जनता की आंखें तरस गईं। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसकी सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पर इसकी जानकारी दी।

भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने X पर लिखा कि ये गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण के वीरधरा राजस्थान पधार रहे हैं। बाड़मेर युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाज़े खोलने वाली 'भाग्यरेखा' सिद्ध होगी। राजस्थान की समस्त जनता की तरफ से प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।

पचपदरा रिफाइनरी की तगड़ी है पॉलिटिक्स

दरअसल पचपदरा रिफाइनरी HPCL और राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (राजस्थान सरकार का उद्यम, HRRL) है। ये लगभग 72,000 से 80,000 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई है। ये देश की सबसे आधुनिक BS-6 मानकों वाली रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है।

ये राजस्थान की सियासत का एक प्रमुख मुद्दा रहा है। दरअसल 2013 में इस पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने किया था। तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। लेकिन सरकार बदली बीजेपी आई तब जाते-जाते वसुंधरा राजे की सरकार ने 2018 में PM मोदी के हाथों दोबारा शिलान्यास करा दिया। ऐसे में इस पचपदरा रिफाइनरी के क्रेडिट लेने की जंग दोनों पार्टियों में चलती रहती है। कांग्रेस ने परियोजना में देरी तो भाजपा ने विकास का दावा करती है।

दरअसल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी जब 22 सितंबर 2013 को नींव रख चुकी हैं तो भाजपा ने 16 जनवरी 2018 को फिर से शिलान्यास क्यों किया? इधर भाजपा ने कांग्रेस के पहले शिलान्यास को चुनावी स्टंट बताया था और कहा था कि तब ना जमीन अधिग्रहित थी और ना ही पर्यावरणीय मंजूरी मिली थी। बता दें कि 2013 में रिफाइनरी के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और स्थानीय नेताओं के बीच विरोध प्रदर्शन तक हुए थे।

वहीं 2013 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 37,230 करोड़ थी जो 2025 तक बढ़कर 79,459 करोड़ हो गई। जिसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे। फिर जब अगस्त 2025 तक रिफाइनरी बनकर तैयार हो गई लेकिन उत्पादन शुरू नहीं हुआ, तब कांग्रेस ने बीजेपी के जनवरी 2026 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के दावों पर तंज कसा।

अभी भी खत्म नहीं सियासत?

तो वहीं अब 21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जिससे राज्य में रोजगार और आर्थिक विकास को लेकर सियासत फिर से तेज होने की संभावना है। भले ही इस रिफाइनरी को पश्चिमी राजस्थान की भाग्यरेखा के तौर पर देखा जा रहा लेकिन इसके शिलान्यास से लेकर लोकार्पण तक के इस लंबे समय ने इसे हमेशा राजनीतिक तकरार का केंद्र बनाए रखा है।

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