संजीव प्रकाशन समेत 5 पब्लिशर्स के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन, भरतपुर कोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान

Bharatpur: भरतपुर की विशिष्ट अदालत ने कॉपीराइट उल्लंघन के एक पुराने मामले में प्रसंज्ञान लिया है। कोर्ट ने संजीव प्रकाशन समूह के मालिक प्रदीप मित्तल सहित जयपुर के पांच प्रकाशकों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 63 के तहत प्रसंज्ञान ले लिया है।
किस किताब पर छिड़ा बवाल?
ये पूरा मामला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कुंवर पुष्कर सिंह की लिखी और महेंद्र सिंह सिकरवार की संपादित किताब ‘वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल – ऐतिहासिक नाटक’ से जुड़ा है। ये पुस्तक महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में भी शामिल है।

2018 में दर्ज हुआ था कॉपीराइट उल्लंघन का मामला
2018 में संपादक महेंद्र सिंह सिकरवार ने 2018 में FIR दर्ज कराई थी। आरोप था कि जयपुर के कुछ प्रकाशकों ने किताब की मूल भाषा और अंशों को बिना अनुमति कॉपी करके अपनी पासबुक और वन-वीक सीरीज़ में छाप दिया। फिर इन्हें भरतपुर और धौलपुर के बुक स्टोर्स के जरिए अवैध रूप से बेचा गया।
पुलिस ने जांच किए बिना लगा दी FR
शिकायत में ये भी कहा गया था कि ये सब मिलीभगत और आपराधिक साज़िश के तहत किया गया, ताकि गलत तरीके से फायदा कमाया जा सके। लेकिन आरोपियों के दबाव में पुलिस ने जांच किए बिना केस को सिविल मामला बताते हुए FR लगा दी। अब कोर्ट ने एक बार फिर मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रकाशकों और सीरीज़ मालिकों को कॉपीराइट उल्लंघन का आरोपी मानते हुए प्रसंज्ञान ले लिया है। कोर्ट का आदेश आने के बाद मामला फिर से कानूनी रूप से आगे बढ़ गया है।
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