खेजड़ी कटाई चौतरफा घिरी सरकार! भाटी-बेनीवाल-कांग्रेस के बाद अब वसुंधरा ने खोला मोर्चा

Khejari Politics: राजस्थान में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर खेजड़ी का कातिल कौन है? बीकानेर से लेकर पूरे पश्चिमी राजस्थान तक सोलर प्रोजेक्ट्स की आड़ में खेजड़ी के पेड़ों की ऐसी कटाई हो रही है कि पूरा मारवाड़ आज उबाल पर है। अब राजस्थान बीजेपी की ही कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी आंदोलनकारियों के साथ खड़ी हो गई हैं। यानी अब बीजेपी सरकार इस खेजड़ी के मुद्दे पर चारों तरफ से घिर चुकी है। उसे घेरा है हनुमान बेनीवाल, रविंद्र सिंह भाटी, परसराम बिश्नोई समेत कांग्रेस और अब खुद वसुंधरा राजे ने। पहले सिर्फ कांग्रेस, RLP और बिश्नोई समाज सरकार पर हमला बोल रहे थे। लेकिन अब खेल बदल गया है क्योंकि इस बार वसुंधरा राजे मैदान में उतर गई हैं। मतलब साफ है कि मुद्दा सिर्फ पर्यावरण का नहीं, ये सीधा-सीधा सियासी भूचाल है।
वसुंधरा के समर्थन के बाद क्या दबाव में आएगी सरकार?
दरअसल राजे ने कहा कि "राजनीति से ऊपर उठकर खेजड़ी को बचाना होगा" और यह बयान सीधे-सीधे सरकार की गर्दन पर हाथ रखता है। वहीं बीकानेर महापड़ाव में शिव विधायक रविंद्र भाटी ने साफ शब्दों में कहा कि मैंने मुद्दा विधानसभा में उठाया था लेकिन सरकार ने अनसुना कर दिया। अब युवाओं को एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करना होगा। जरूरत पड़ी तो बीकानेर से विधानसभा का घेराव करूंगा। यानी माहौल अब सिर्फ गुस्से का नहीं, ये आंदोलन अब सीधा सरकार को चुनौती देता दिख रहा है। इसमें हनुमान बेनीवाल का तड़का है। जिनकी आवाज राजस्थान की सड़कों पर सबसे तेज गूंजती है। बेनीवाल ने भी महापड़ाव को समर्थन देते हुए साफ चेतावनी दी कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, कोई उठेगा नहीं।
चौतरफा घिरी बीजेपी सरकार की उड़ी नींद!
ऐसे में अब जिस मुद्दे पर बिश्नोई समाज, RLP, कांग्रेस पहले से खड़ी थी। वहां अब राजे और भाटी जैसे नेता भी उतर जाएं तो समझ जाइए कि सरकार की नींद उड़ चुकी है और तो और PCC चीफ डोटासरा ने भी बीजेपी पर तंज कसा है कि "हरियालो राजस्थान का नारा बीजेपी सिर्फ ढोंग के लिए करती है, क्योंकि खेजड़ी कट रही है और सरकार चुप है।
ऐसे में सवाल है कि क्या सरकार सोलर कंपनियों पर कार्रवाई करेगी? क्या खेजड़ी कटाई पर रोक लगेगी? और क्या इस विवाद में वसुंधरा राजे की एंट्री बीजेपी के अंदर नया पॉलिटिकल भूचाल खड़ा करेगी? क्योंकि राजस्थान की राजनीति में खेजड़ी कटाई का मुद्दा एक पेड़ से बढ़कर अब सरकार की परीक्षा बन चुका है।
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