Hanuman Beniwal: आखिर किससे है हनुमान बेनीवाल को जान का खतरा? उठ रही Z+ सिक्योरिटी देने की मांग

Hanuman Beniwal: राजस्थान सियासत के सबसे चर्चित चेहरे औऱ नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को अब जेड प्लस सिक्योरिटी देने की मांग की जा रही है। सोशल मीडिया पर ये मुद्दा काफी वायरल हो रहा है। उनके समर्थक जोर-शोर से ये मांग उठा रहे हैं। लेकिन बेनीवाल को Z+ सिक्योरिटी आखिर दी क्यों जाए इस पर बहस गर्माई हुई है। क्या उन्हें किसी से जान का खतरा है या फिर ये सब सिर्फ माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है? और अगर उन्हें किसी से खतरा है तो बड़ा सवाल ये है कि आखिर वो कौन है?
भू-बजरी माफियाओं के खिलाफ लड़ी लड़ाईयां
दरअसल हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) राजस्थान की राजनीति में एक बेबाक और निर्भीक नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे नागौर से लोकसभा सांसद हैं और हमेशा किसानों, युवाओं, बेरोजगारों और आम जनता के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं। खास तौर पर भू-माफिया, बजरी माफिया और अपराधी तत्वों के खिलाफ उनकी आवाज बुलंद रही है। उन्होंने किसान आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और संसद में भी सुरक्षा उल्लंघन के दौरान एक घुसपैठिए को पकड़कर सुर्खियां बटोरीं।
राजपूत नेता गोगामेड़ी की हत्या के बाद उठी थी मांग
सियासी जानकारों का कहना है कि शायद इन सभी वजह से उनके समर्थकों को बेनीवाल की जान (Hanuman Beniwal Z+ Security) का डर सता रहा है। वैसे सोशल मीडिया पर ये मांग 2022 से ही ट्रेंड कर रही है, जब राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद बेनीवाल की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपे गए।
भारत सरकार को हनुमान जी बेनीवाल की सुरक्षा के लिए Z+ SECURITY लगानी चाहिए...
हनुमान जी के ऊपर कभी भी खतरा हो सकता है...
आपकी क्या राय है 🤔 कमेंट में बताएं 💬 @hanumanbeniwal #HanumanBeniwal #RLP pic.twitter.com/G30gAfWDWX
— Rajasthani डोकरा 👳♂️ (@Rajasthani_Daku) February 13, 2026
ट्विटर पर हैशटैग भी ट्रेंड हुआ था, जहां समर्थकों ने कहा कि बेनीवाल उत्तर भारत के सबसे बड़े किसान नेता हैं और माफियाओं के खिलाफ उनकी लड़ाई से खतरा बढ़ गया है।
गैंगस्टर्स से मिली थी बेनीवाल को धमकी
वहीं जनवरी 2024 में गैंगस्टरों से धमकी मिलने के बाद उनके घर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और कमांडो तैनात किए गए। इंटेलिजेंस एजेंसियों के इनपुट पर राजस्थान सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाई, लेकिन समर्थक अब परमानेंट Z+ सिक्योरिटी की मांग कर रहे हैं। 2025 में भी ये मांग उठाई गई और अब फिर से उनके समर्थक अपील कर रहे हैं कि बेनीवाल को Z+ सिक्योरिटी दी जाए। कई पोस्ट में कहा गया कि वे हमेशा जनहित के मुद्दों पर निर्भीक रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अब सवाल ये है कि क्या Z+ सिक्योरिटी जरूरी है? बेनीवाल की सक्रियता को देखते हुए वे माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ खड़े होते हैं, जिससे खतरा स्वाभाविक है लेकिन सरकार ने अभी तक इसे बढ़ाया तो है, पर Z+ स्तर तक नहीं। ऐसे में देखना है कि Z+ सिक्योरिटी की मांग को लेकर आगे क्या फैसला सरकार उठाती है।
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