जयपुर में सरकारी जमीन पर 25 साल बाद अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम, लोगों ने किया पथराव

Jaipur: इसे विंडबना नहीं तो और क्या कहेंगे कि जयपुर शहर में दशकों से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बना हुआ है और जब 25 साल बाद वहां का अवैध कब्जा हटाने के लिए सरकारी JCB पहुंची तो स्थानीय लोगों ने इस कदर विरोध किया कि वो हिंसा उतर आए। JCB पर पत्थर बरसाने लगे, कर्मियों पर पत्थर बरसाने लगे। मजबूरन टीम को वहां बगैर कब्जा हटाए जाना पड़ा।
टीम पर महिलाओं ने किया पथराव
ये मामला 17 मार्च, शुक्रवार सुबह का है। बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक 42 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा सालों से है। ये ज़मीन हाउसिंग बोर्ड की है जिसकी कीमत करीब 2200 करोड़ आंकी जा रही है। इस जमीन से कब्जा हटाने का ऑर्डर हाईकोर्ट तक दे चुका है। बावजूद इसके अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है। सुबह जब उप आवासन आयुक्त संजय शर्मा अपने साथ अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और टीम के साथ पहुंचे और कब्जों को तोड़ना शुरु भर किया। वैसे ही स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां लोगों ने अपनी महिलाओं को कर दिया और वो टीम पर पथराव करने लगीं। ऐसे में टीम को वहां से वापस लौटना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक 1989 को हाउसिंग बोर्ड ने इस जमीन का अधिग्रहण किया था। लेकिन अधिग्रहण के बाद भी हाऊसिं बोर्ड यहां निर्माण नहीं करा सका। खाली पड़ी जमीन पर फिर भूमाफियाओं की नजर पड़ी और फर्जी कागज़ बनवाकर यहां प्लॉट कटवा दिए और बेच दिए। जिसके बाद यहां पर अवैध निर्माण होने लगे। इसके बाद 2019 में ये मुद्दा उठा। कॉलोनी के नियमितीकरण का मामला उठाया गया। इसके लिए JDA ने NOC मांगी तो हाउसिंग बोर्ड ने मना कर दिया। इस पर फिर FIR दर्ज हुई। केस ACB को सौंपा गया।
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