गोवंश मामले में विधायक के खिलाफ कांग्रेस की कार्रवाई की मांग, इधर गोपाल शर्मा ने मांगी माफी

Rajasthan Vidhansabha: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को गौहत्या के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सदन में विधायकों के बीच हुई तीखी झड़प और हाथापाई की नौबत के बाद अब गोपाल शर्मा ने माफी मांग ली है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि वो गुस्से में मर्यादा भूल गए थे। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दो टूक कहा कि जब तक अमर्यादित व्यवहार करने वाले MLA पर कार्रवाई नहीं होती तब तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी। बता दें कि टीकाराम जूली बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा की बात कर रहे थे। क्योंकि सदन के स्थगन के बाद वे कांग्रेस की बेंच की तरफ बढ़ गए थे और गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना से बहस करने लग गए थे। तभी दोनों में हाथापाई की नौबत आ गई थी।
सोशल मीडिया पर गोपाल शर्मा का भावुक पोस्ट...
मैं बचपन से हिंदुत्व के संस्कारों में पला-बढ़ा हूँ... गाय, गीता, गायत्री मेरे जीवन का आधार हैं!
प्रतिपक्ष के नेता ने मुझे जिन घिनौने इल्ज़ामों में बाँधा, वो सहन नहींन हुआ... उनकी बात पर आजीवन खेद रहेगा !@DrGopal_Sharma pic.twitter.com/C9jAXwGNjm
— Ashok Shera (@ashokshera94) February 17, 2026
बिना सबूत के छोटी सी बात का मुद्दा बना दिया- जोगेश्वर गर्ग
दूसरी तरफ मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि हाथापाई तब होती है जब वो वेल में आते। ऐसा कुछ हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत कांग्रेस नेता हमारी पार्टी के विधायक (गोपाल शर्मा) पर आरोप लगा रहे थे। इसलिए उन्हें भी थोड़ा गुस्सा आ गया और वो आपे से बाहर हो गए थे। वो कांग्रेस की बेंच की तरफ बढ़े थे ,तो स्पीकर ने उन्हें रोका भी था, उन्होंने शायद वो सुना नहीं। इसके बाद स्पीकर ने मुझे और संसदीय कार्य मंत्री को बोला, तब हम दोनों ने बीच-बचाव किया और मामला शांत कराया।
‘अपने धरना-प्रदर्शन में जाना था, इसलिए जबरदस्ती बवाल किया’
जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि विधायक बालमुकुंदाचार्य ने गोमाता को राज्यमाता का दर्जा देने को लेकर जो सवाल पूछा था उसका जवाब पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने दे दिया था। फिर भी जानबूझकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ये मुद्दा उठाया, जो छोटा सा मामला है. इसमें जो ये आरोप लगा रहे हैं कि गोवंश की हत्या हुई है, उसका सिर काट कर लटकाया गया है, ऐसा नहीं था। सिर मरे हुए बछड़े का काटा गया था। जिसे हत्या नहीं कहते हैं हालांकि ऐसा करना भी निंदनीय है। लेकिन इस मुद्दे को लेकर उन्होंने विधायक पर मनगढ़ंत बिना सबूत के आरोप लगाए हैं। जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि ऐसा कांग्रेस नेताओं ने इसलिए किया कि क्योंकि उन्हें 22 गोदाम में अपने धरना प्रदर्शन में जाना था, यहां से समय निकालना था। वहां जाकर वो भाषणबाजी कर रहे हैं। असली बात तो यही है। बाकी मुद्दा इतना बड़ा नहीं है।
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