नरेश मीणा ने कांग्रेस को दी खुली चुनौती, खुद की पार्टी का किया ऐलान

Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में आज एक बड़ी हलचल मची हुई है। हाड़ौती क्षेत्र के कद्दावर नेता और मीणा समाज के प्रभावशाली चेहरे नरेश मीणा ने कांग्रेस पार्टी को खुली चुनौती दे दी है। उन्होंने साफ-साफ ऐलान किया है कि अगर कांग्रेस उन्हें और उनके साथी नेताओं को बराबर का सम्मान नहीं देगी, तो वे अपनी नई पार्टी बना लेंगे।
खोए हुए लोगों को सम्मान देंगे हम- नरेश मीणा
यह बयान कल 17 फरवरी को बूंदी जिले के हिंडौली विधानसभा क्षेत्र के सुन्थली गांव में दिया गया। वहां भगवान तिलेश्वर महादेव के मेला और पद दंगल कार्यक्रम के दौरान नरेश मीणा (Naresh Meena) मंच पर थे। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामनारायण मीणा और युवा नेता मनोज मीणा भी मौजूद थे। नरेश मीणा ने कहा, “ हमारे जो खोए हुए लोग हैं, उनको बुलाकर अगर सम्मान दे देगी, इज्जत दे देगी तो एक रास्ता मैंने कांग्रेस के लिए छोड़ रखा है। वरना तो मैंने भी पार्टी बना ली,कागज़ तैयार बीएस कुछ दिन में ऐलान होजायेगा "
लंबे समय से कांग्रेस के टिकट और सम्मान के लिए लड़ रहे नरेश मीणा
नरेश मीणा का यह अल्टीमेटम कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। नरेश मीणा पिछले कई सालों से कांग्रेस में टिकट और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। 2023 में छबड़ा से निर्दलीय लड़े, 2024 में देवली-उनियारा उपचुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय उतरे, सस्पेंड हो गए। फिर 2025 अंता उपचुनाव में भी 50 हजार से ज्यादा वोट लाकर कांग्रेस और भाजपा दोनों को टेंशन में डाल दिया। मीणा समाज में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है और वे किसान-युवा मुद्दों पर मुखर रहते हैं।
नरेश मीणा पर कांग्रेस का क्या होगा आखिर फैसला?
अब सवाल यह है कि कांग्रेस इस चुनौती को कैसे लेगी? क्या प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट या हाईकमान रामनारायण मीणा जैसे नेता नरेश मीणा को वापस लाएंगे? या फिर हाड़ौती में नई पार्टी से कांग्रेस के वोट बंटेंगे और 2028 के विधानसभा चुनाव में बड़ा खेल बिगड़ जाएगा? शांति धारीवाल जैसे दिग्गज नेताओं के नाम का जिक्र करना भी कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर करता है। अगर नरेश मीणा ने अपनी पार्टी बना ली, तो यह तीसरे मोर्चे की शुरुआत हो सकती है।
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