निर्मल चौधरी से रिलेशन पर क्या बोले NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़? पढ़ें एक्सलूसिव इंटरव्यू

कांग्रेस आलाकमान ने कुछ दिन पहले छात्र इकाई एनएसयूआई का नया अध्यक्ष विनोद जाखड़ को नियुक्त किया। अध्यक्ष बनने के बाद विनोद जाखड़ पहली बार जयपुर पहुंचे। इस दौरान एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनका जमकर स्वागत किया। इस दौरान भारत रफ्तार के एडिटर इन चीफ जितेश जेठानंदानी ने उनके अध्यक्ष बनने से लेकर जेल जाने तक के अनेक सवाल पूछे, आइये पढ़ते हैं एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ का एक्सलूसिव इंटरव्यू...
सवाल- एनएसयूआई के आप अध्यक्ष बने हैं, आप दक्षिण के राज्यों में एनएसयूआई का विस्तार कैसे करेंगे?
जवाब- मेरे जैसे सामान्य परिवार से आने वाले युवा को राहुल जी मौका दिया है। ऐसे में खुशी की बात तो है। मेरे पिता मजदूरी करते हैं। परिवार बहुत ज्यादा शिक्षित नहीं है। इस देश की अंतिम पंक्ति में जो लोग खड़े हैं उनको आगे बढ़ाने का काम राहुल जी कर रहे हैं। मुझे मौका देने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
सवाल- वैचारिक तौर पर आप राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को कैसे मजबूत करेंगे?
जवाब- कोई भी एनएसयूआई का कार्यकर्ता अगर वैचारिक रूप से मजबूत नहीं है तो वह पार्टी के कार्यक्रमों और विचारों को लोगों तक नहीं पहुंचा पाएगा। इसके लिए हम युवाओं के लिए कैंप भी लगाते हैं। ये गांधी-नेहरू का देश हैं। इन्होंने लंबा संघर्ष किया है देश के लिए। आप देख सकते हैं कि किस तरह से वर्तमान सरकार देश के शैक्षणिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। इसके अलावा सरकार शैक्षणिक संस्थाओं का निजीकरण भी कर रही है। हम कैंपस में जाएंगे और युवाओं की समस्याओं के लिए लड़ेंगे।
सवाल- इस देश की दो बड़ी समस्याएं क्या हैं?
जवाब- मुझे ऐसा लगता है कि सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है जबकि दूसरी समस्या नशे की है। इसके अलावा और भी कई बड़ी समस्याएं हैं। इसके अलावा महंगाई भी बड़ी समस्या है। युवाओं के काॅलेज छोड़ने की एक बड़ी वजह शिक्षा का महंगा होना है। महंगी शिक्षा के कारण युवा एक साल की फीस तो भर लेता है लेकिन अगले साल की फीस नहीं भर पाता है।
सवाल- दलित महिला उत्पीड़न को लेकर आप क्या सोचते हैं?
जवाब- आज भी देश में हर जगह पर जातियां विद्यमान है। आजादी के 75 साल बाद भी समाज में दलितों के साथ भेदभाव हो रहा है। इस समस्या को सामाजिक सौहार्द के जरिए ही खत्म किया जा सकता है। आज की नौजवान पीढ़ी अब भेदभाव को खत्म करने के लिए काम कर रही है। उनमें चेतना आई है।
सवाल- क्या आप चाहते है कि एक कुआं, एक श्मशान और एक मंदिर हो?
जवाब- बिल्कुल होना चाहिए। अगर आप कुएं से पानी पीएंगे तो मुझे लगता है कि जाति खत्म हो जाएगी। बहुत से लोगों ने लड़ाई भी लड़ी। इसके अलावा और भी कई तरीके है जहां पर जातियों को चुनौती दी जा सकती है। एक श्मशान की बात भी जायज है।
सवाल- एबीवीपी को आप कितनी बड़ी चुनौती मानते हो?
जवाब- मैं यह मानता हूं कि वर्तमान में केंद्र औ राज्य में उनकी सरकार है, तो वे युवाओं को लुभाने के लिए बड़ी ताकत लगाते हैं। हम देखते हैं कि एबीवीपी जाति और धार्मिक आधार पर भी राजनीति करती है। ऐसे में ये देश के लिए खतरनाक है। हमारी उनके साथ वैचारिक लड़ाई है।
सवाल- इंटरव्यू में राहुल गांधी ने आपसे क्या सवाल पूछे?
जवाब- इस देश में राहुल गांधी युवाओं की लड़ाई लड़ रहे हैं। इतने बड़े नेता के सामने बैठे हो तो स्वाभाविक सी बात है कि नर्वसनेस तो होती है लेकिन वे आपको ऐसा फील नहीं होने देते। राहुल गांधी जी बीच-बीच में हंसी मजाक करके माहौल को हल्का कर देते हैं। आपके जीवन के बारे में जानने लगते हैं और इसके बाद आप सहज हो जाते हैं।
सवाल- एआई समिट में एनएसयूआई के प्रदर्शन को लेकर आप क्या कहेंगे?
जवाब- एआई समिट में जो प्रदर्शन किया गया था जो बिल्कुल सही था। उसमें कुछ भी गलत नहीं था। देश का अपमान तो तब हुआ जब गलगोटिया विश्वविद्यालय ने चाइना से रोबोट खरीद करके एआई समिट में प्रदर्शित किया।
सवाल- राहुल गांधी की उम्मीदों पर आप कैसे खरे उतरेंगे?
जवाब- राहुल गांधी जी एक लड़ाका तैयार करना चाहते हैं। जो देश की संस्कृति, विचारधारा, संवैधानिक मुल्यों और परंपराओं को बचाने के लिए काम कर सकें।
सवाल- आपके निर्मल चौधरी से किस प्रकार के रिलेशन हैं?
जवाब- निर्मल चौधरी मेरा छोटा भाई हैं। उनसे मेरा कोई झगड़ा नहीं है। पूरा एनएसयूआई संगठन उनका है। मैं राजस्थान विश्वविद्यालय का 2018 मैं अध्यक्ष रह चुका हूं। उससे पहले 2014 में राजस्थान काॅलेज का अध्यक्ष था।
सवाल- क्या आप वास्ता सचिन पायलट गुट से अभी भी है?
जवाब- हम सभी का एक ही गुट है और वो है कांग्रेस। हम सभी का एक ही मकसद है कांग्रेस पार्टी का मजबूत करना। इसके लिए हम लोग जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। गहलोत साहब भी राहुल गांधी जी के हाथ मजबूत करना चाहते हैं।
सवाल- राजस्थान के अलावा कई अन्य राज्यों में भी अब छात्रसंघ के चुनाव नहीं हो रहे हैं इसको लेकर आप क्या सोचते हैं?
जवाब- छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण आप देख रहे हैं कि किस तरह काॅलेजों में तानाशाही बढ़ रही है। कैसे वीसी मनचाहे फैसले ले रहे हैं। छात्रनेता इनकी नाक में नकेल डाल के रखते हैं। आज केंद्र की और राज्य की सरकार छात्रों से डरती है।
सवाल- आप जेल गए और अब छात्रसंघ अध्यक्ष बन गए? क्या आपको जेल जाने का यह प्रतिफल मिला है?
जवाब- नहीं, केवल एक कार्य के आधार पर यह सब तय नहीं होता है। इसमें सभी प्रकार के कार्य देखे जाते हैं। हां जेल जाना अच्छा होता है। राहुल गांधी जी स्वयं कहते हैं कि संघर्ष करो, डरो मत।
इस लिंक को शेयर करें

