तू-तड़ाक पर उतरी डोटासरा-जोगाराम पटेल की भाषा, सदन की मर्यादा तार-तार, 2 साल बनाम 5 साल पर जबरदस्त घमासान

Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में शनिवार को पक्ष-विपक्ष का ऐसा हंगामा हुआ कि सदन अखाड़ा बनता हुआ नजर आया, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल में ऐसी लड़ाई हुई कि एक बार तो ऐसा लगा कि कहीं हालात हाथापाई पर ना आ जाएं, फिर क्या था, दोनों पक्षों के सदस्य अपनी-अपनी जगह पर खड़े हो गए, कुछ वेल तक पहुंच गए और फिर सदन में चीखना-चिल्लाना शुरू हो गया। डोटासरा-जूली समेत समूचा विपक्ष वेल में उतर आया, जमकर नारेबाजी की और फिर वॉक आउट कर गया। भारी हंगामे के बीच स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया औऱ फिर जब शाम 3 बजकर 57 मिनट पर सदन फिर से शुरू हुआ तब नारेबाजी के चलते एक मिनट बाद ही फिर आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद फिर 5 बजे तक स्थगन हो गया।
किस मुद्दे पर हुआ झगड़ा?
दरअसल ये मुद्दा था सदन में सरकार के 2 साल बनाम 5 साल की चर्चा पर। सरकार के राजस्व विभाग के मंत्री हेमंत मीणा सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा रख चुके थे। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल को 2 साल बनाम 5 साल पर प्रतिवेदन रखने के लिए कहा गया। उन्होंने भाषण देना शुरू ही किया था कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा ये तो 2 साल की चर्चा हो रही है। जो प्रतिवेदन पर बात ही दूसरी रखी, संसदीय मंत्री ने प्रतिवेदन अलग रखा है, जबकि यहां CM की घोषणा और BSE में जो हमारी चर्चा हुई थी वो तो यहां है ही नहीं। मुख्यमंत्री का ये प्रस्ताव था कि दो साल बनाम 5 साल की चर्चा होगी, BSE में भी इस पर सहमति बनी थी तो प्रतिवेदन 2 साल की ही क्यों है।
तब मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि अभी जो चर्चा होने जा रही है वो BSE के फैसला पर ही चर्चा होगी, 2 साल बनाम 5 साल पर ही चर्चा होगी।
इसके बाद जोगाराम पटेल ने कहा कि जो प्रतिवेदन रखा गया है इसमें गलती नहीं है, विषय में बीजेपी सरकार के कामों के लेखा-जोखा में कांग्रेस सरकार के समय का तुलनामत्मक डेटा है, इसमें किसी तरह की गलती नहीं है।
इसके बाद डोटासरा खड़े हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ये चुनौती मेरे कहने पर स्वीकार की थी ,जो मैंने एक सभा में भाषण में दी थी। उन्होंने ही कहा था कि सदन में ये चर्चा 5 साल बनाम 2 साल की चुनौती स्वीकर की थी। और ये लोग तो मुख्यमंत्री की ही बेइज्जती करा रहे हैं। इतने में जोगाराम पटेल खड़े होकर बोलने लगे और बस डोटासरा भड़क गए। दोनों में तू-तड़ाक तक हुआ। दोनों पक्ष भिड़ गए, नारेबाजी होने लगी।
5 बजे तक 3 बार स्थगित हुई कार्यवाही
पक्ष से राज्य मंत्री बेढ़म और अविनाश गहलोत ने भी जमकर हंगामा काटा। गहलोत ने कह दिया कि राहुल गांधी का हंटर कल चला है। फिर विपक्ष वेल में आ गया, और फिर वॉकआउट कर गया। इसके बाद कार्यवाही शुरु होने के बाद 3 बार कार्यवाही स्थगित हुई।
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