राजस्थान बजट 2026-27: दीया कुमारी का 21.52 लाख करोड़ का 'विकसित राजस्थान' पैकेज! युवाओं को ब्याजमुक्त लोन से लेकर अरावली बचाने तक, जानिए बजट के मुख्य बिंदु

Rajasthan Budget 2026 Highlighted Points: राजस्थान बजट सत्र 2026 का पहला दिन 11 फरवरी को विधानसभा में शुरू हुआ, जहां उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह बजट कुल 21.52 लाख करोड़ रुपये का है, जो पिछले बजट से करीब 41.39 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि यह बजट ‘विकसित राजस्थान 2047’ के विज़न को ध्यान में रखकर बनाया है। बजट में युवा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, अरावली संरक्षण, पूर्व सैनिकों और किसानों के कल्याण पर ध्यान दिया गया है।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर फोकस
बजट में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब 30 हजार युवा लाभान्वित होंगे। युवा स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
बिज़नेस की शिक्षा का क्षेत्र बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में एक व्यावसायिक शिक्षा विद्यालय स्थापित किया जाएगा। आठवीं, दसवीं और बारहवीं के चयनित मेधावी विद्यार्थियों को अब पुराने मॉडल के टैबलेट या लैपटॉप देने के बजे सुविधानुसार लैपटॉप खरीदने के लिए 20 हजार रुपये की सहायता (ई-वाउचर) दी जाएगी। स्कूलों के मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ तथा नए स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
22746 आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल सामग्री और जादुई पिटारा उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूल ऑन व्हील जैसी योजनाओं से ग्रामीण बच्चों तक शिक्षा पहुंचाई जाएगी। स्मार्ट लर्निंग के लिए 1,000 AI लैब स्थापित की जाएंगी।
संस्कृत शिक्षा में 500 सीटों की बढ़ोतरी होगी। ज्योतिष जैसे पारंपरिक ज्ञान की शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। अजमेर, भरतपुर और कोटा में नए टेक्नोहब बनेंगे, जबकि जोधपुर और जयपुर में स्पेस गैलरी स्थापित की जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्ट एजेंसी (RSTA) का गठन किया जाएगा और ऑनलाइन टेस्ट सेंटर विकसित किये जाएँगे।
महिला, बाल विकास और सामाजिक कल्याण
महिला एवं बाल विकास के लिए भी बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। 7 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर में तब्दील किया जाएगा। कई जिलों में महिला बाल शक्ति संकुल स्थापित होंगे। जरूरतमंद बच्चों के लिए चिल्ड्रेन होम आदि हेतु 50 करोड़ रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। साथ ही, 11 हजार अमृत पोषण वाटिका विकसित की जाएंगी।
श्रमिकों के कल्याण के लिए श्रम सेतु ऐप शुरू होगा। पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और विधवाओं के लिए जोधपुर में मेजर शैतान सिंह प्रशिक्षण केंद्र तथा इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।
पर्यटन विकास को मिला बड़ा बूस्ट
राजस्थान को पर्यटन प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये बजट में प्रस्तावित किये गए हैं। 2047 तक हैरिटेज को बढ़ावा और इको-टूरिज्म आदि पर फोकस रहेगा। शेखावाटी में हवेली संरक्षण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालौर में थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित होगा। रूरल टूरिज्म के लिए होम गेस्ट हाउस को प्रोत्साहन मिलेगा। महिला सुरक्षा कर्मियों और गाइड्स की नियुक्ति पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंदिरों की साज-सज्जा और आरती आदि के लिए 13 करोड़ रुपये आवंटित हैं।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह बजट 'जादूगर' की तरह नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं पर आधारित है। बजट में अरावली संरक्षण के लिए दीवार निर्माण, सोलर पार्क, पेयजल परियोजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी भारी निवेश प्रस्तावित है।
यह बजट राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिसमें युवा, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। हालाँकि, अभी विधानसभा में बजट पर चर्चा होनी बाकी है। पूरी खबर बजट के अंत में आएगी।
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