अरावली को बचाने के लिए बनेगा कवच: अवैध खनन रोकने हेतु 4000 हेक्टेयर डीग्रेडेड भूमि के चारों तरफ बनेगी सुरक्षा दीवार

Rajasthan Budget 2026 Arawali Conservation: 11 फ़रवरी को राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत बजट में सरकार ने राजस्थान की लाइफलाइन कही जाने वाली अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और विकास के लिए एक बड़े पारिस्थितिक (Ecological) प्रोजेक्ट की घोषणा की है। दीया कुमारी ने अपने बजट भाषण में घोषणा की है कि अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए उसकी करीब 4,000 हेक्टेयर Degraded (क्षतिग्रस्त) भूमि को फिर से पहले की तरह हरा-भरा बनाया जाएगा।
राज्य सरकार ने बजट घोषणा में अरावली भूमि के रिक्लेमेशन (भूमि सुधार), अवैध खनन और अतिक्रमण रोकने के लिए इसके चारों तरफ पक्की दीवारों और सुरक्षा संरचनाओं का निर्माण करवाएगी। इसके लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में अरावली संरक्षण के लिए 130 करोड़ रुपये प्रस्तावित किये हैं। साथ ही, अरावली के जंगलों में पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए विदेशी पेड़ों को लगाने के बजाय स्थानीय प्रजातियों के ही पौधों का बीजारोपण करवाया जाएगा।
इसके साथ ही, अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने के लिए खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और वन विभाग संयुक्त कार्यवाही करेंगे। तीनों विभागों के दल अरावली संरक्षण के लिए सम्मिलित रूप से काम करते हुए अवैध खनन करने वाले माफियाओं और अपराधियों पर लगाम कसेंगे।
हालाँकि, फ़िलहाल तक ये कदम केवल बजट में प्रस्तावित हुआ है और इसकी घोषणा हुई है। अरावली को बचाने के लिए घोषणा के अनुसार कार्यवाही की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 के बाद ही शुरू होगी। इस कदम से न केवल अरावली का अस्तित्व बचेगा, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण और इको-टूरिज्म को भी मजबूती मिलेगी।
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