अब राजस्थान दिवस पर भी भड़की सियासत, टीकाराम जूली ने घसीटा पीएम मोदी का नाम

Rajasthan Diwas Politics: राजस्थान ने अपना स्थापना दिवस नई तारीख पर मना लिया लेकिन सियासतदानों ने अपनी राजनीति के लिए इसे भी नहीं छोड़ा। इस पर भी सियासी बवाल खड़ा कर दिया। वो भी इसकी तारीख को लेकर कांग्रेस ने तो सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को ही इस मामले में घसीट लिया और कह दिया कि पीएम मोदी से सीएम भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने नई तारीख के बारे में पूछा नहीं इसीलिए प्रधानमंत्री नाराज हो गए और राजस्थान को बधाईयां और शुभकामनाएं तक नहीं दीं।
पीएम ने नहीं किया एक भी ट्वीट- जूली
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने सिर्फ सरकार पर तीखा वार ही नहीं किया बल्कि ये भी कहा कि नई तारीख से मनाए गए राजस्थान-दिवस पर बधाई का एक ट्वीट तक नहीं। सिर्फ तारीख का विवाद नहीं, जूली ने केंद्र सरकार के बजट प्रबंधन को लेकर भी बड़ा आरोप दागा है। उनका दावा था कि SC कल्याण के लिए 2024-25 में 10,309 करोड रुपए मंजूर हुए। लेकिन 2,345 करोड़ रुपए यानी पूरे 23% सरकार ने खुद सरेंडर कर दिए।
सरकार में इच्छाशक्ति की कमी- जूली
जूली ने राजस्थान दिवस पर हमले के बहाने प्रशासन पर भी हमला बोला और कह दिया कि सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। जूली ने कहा कि सरकार की सोच जुमलों से आगे जाती ही नहीं। अगर दलित कल्याण प्राथमिकता होती। तो बजट वापस लौटाने की नौबत नहीं आती तो राजस्थान की नई स्थापना-दिवस तारीख से लेकर एससी बजट तक फोकस एक ही चीज़ पर टिकता है। क्या सत्ता की प्राथमिकताओं में वाकई हाशिये के समुदाय शामिल हैं या नहीं और इसी सवाल के बीच प्रधानमंत्री की खामोशी एक और बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। क्या राजस्थान की नई तारीख को दिल्ली ने स्वीकार ही नहीं किया?
30 मार्च को स्थापना तो 19 मार्च को क्यों मनाया जा रहा राजस्थान दिवस?
यहां सवाल ये खड़ा किया जा रहा है कि अगर 30 मार्च को राजस्थान की स्थापना हुई थी तो फिर 19 मार्च को क्यों राजस्थान दिवस मनाया जा रहा है? दरअसल दो साल पहले राजस्थान सरकार ने ये फैसला लिया था कि ग्रैगोरियन कैलेंडर (अभी जो हम इस्तेमाल करते हैं) के बजाय हिंदी पंचांग की तिथि के मुताबिक ही राजस्थान दिवस मनाया जाएगा। क्योंकि 19 मार्च को चैत्र प्रतिपदा (नया साल) की शुरूआत हुई है। इस दिन मनाने से राजस्थान की संस्कृति और पंचांग परंपरा को मजबूत होगी। बता दें कि इसी वजह से पिछले साल राजस्थान दिवस 25 मार्च को मनाया गया था।
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