10 साल की मासूम बच्ची के बलात्कारी को फांसी से बचा लिया! राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा बदलकर उम्रकैद कर दी

Rajasthan High Court Verdict: बीते कुछ समय में न्याय करने वाले कोर्ट जिस तरह के फैसले दिए जा रहे हैं, ऐसा लग रहा है कि कोर्ट अब आरोपियों को सज़ा देने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बचाने के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने 10 साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के जघन्य मामले में आरोपी की फांसी को उम्रकैद में बदल दिया है। डूंगरपुर जिले का यह रेप केस लगभग 4 साल पुराना है। खंडपीठ ने कहा कि आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू का अपराध बेहद गंभीर है, लेकिन यह 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं आता क्योंकि आरोपी पहली बार का अपराधी है। उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह पत्नी व दो नाबालिग बच्चों का पिता है। (Dungarpur Rape Murder Case)
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, घटना 28-29 जून 2022 की रात डूंगरपुर के सदर थाना क्षेत्र की है। 10 वर्षीय बच्ची अपने घर में अपनी मां और भाई-बहनों के साथ सो रही थी। लेकिन सुबह वह बच्ची घर से गायब मिली। दिन भर घर वालों और पड़ोसियों ने आसपास बहुत ढूँढा, लेकिन कोई खबर नहीं मिली। शाम को दिपट फल्ला मार्ग पर एक पुलिया के पास बच्ची मृत और लहूलुहान अवस्था में मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची के साथ बलात्कार किया गया और बाद में उसकी हत्या करने के लिए गला घोंटा और सिर पर पत्थर से हमला किया गया। पुलिस ने जाँच में सारी कड़ियाँ जोड़कर सिर्फ चार दिनों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। (10 Year Old Girl Rape)
जाँच में आरोपी के घर से कपडे मिले थे, जिन पर बच्ची का खून लगा हुआ था। मृत बच्ची के शरीर और कपड़ों पर से भी आरोपी के बाल और अन्य साक्ष्य मिले, जिनसे आरोपी की पुष्टि हुई थी।
उस वक़्त विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने साक्ष्यों की कड़ी में गवाहों के बयान, आरोपी के कपड़ों पर बच्ची का खून, फॉरेंसिक रिपोर्ट को सही ठहराया, लेकिन फांसी की सजा को बदलते हुए उम्रकैद कर दी। अदालत ने फैसले में कहा कि अपराध पूर्व-नियोजित नहीं था, आरोपी सामान्य सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से है और पिछले कुछ सालों में जेल में जैसा उसका बर्ताव है, उसको देखते हुए आरोपी में सुधार की संभावना है।
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