अब अनपढ़ भी बनेंगे मेयर, 3 बच्चे वाले भी सरपंच-प्रधान, सदन में सरकार का जवाब

Rajasthan Nikay Elections: राजस्थान विधानसभा में सरकार ने पंचायत चुनाव को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है। जिससे निकाय चुनावों में प्रत्याशियों की एजूकेशन को लेकर बदलाव के कयास खत्म हो गए हैं। सरकार ने विधानसभा में लिखित जवाब देकर साफ कर दिया है कि पार्षद और महापौर बनने के लिए प्रत्याशी का पढ़ा-लिखा होना कोई जरूरी नहीं है। अगर उनके तीन बच्चे हैं तो भी कोई दिक्कत नहीं है। प्रत्याशी आराम से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
विधायक पूसाराम गोदारा ने उठाया था सवाल
बीते बुधवार को विधानसभा में रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा ने सरकार से एक सवाल पूछा था। उनका सवाल था कि आने वाले निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की क्वालिफिकेशन और बच्चों से जुड़े प्रावधानों में क्या कोई संशोधन होगा? क्या सरकार ऐसा कोई विचार रखती है?
सवाल पर सरकार ने दिया ये जवाब
इस सवाल का जवाब राजस्थान सरकार के स्वायत शासन विभाग ने लिखित में बताया कि निकाय चुनाव में क्वालिफिकेशन कोई अनिवार्य नहीं है। मतलब पार्षद भी अशिक्षित हो सकता है, और महापौर भी। आपको बता दें कि सरकार ने पहली बार सदन में लिखित जवाब पेश किया है। जवाब में कहा गया है कि 2009 का राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 21 में क्वालिफिकेशन को लेकर कोई अनिवार्यता नहीं दी गई। ऐसे में चुनाव पहले के नियमों पर ही होंगे। सरकार ने कहा कि इस पर विचार भी नहीं किया जा रहा है।
दो से ज्यादा बच्चे वाले भी अब लड़ सकेंगे चुनाव
अब बात करते हैं दूसरे बड़े फैसले की जिसमें दो से ज़्यादा बच्चों वाले लोग भी निकाय चुनाव लड़ सकेंगे। पहले ये प्रतिबंध था ताकि प्रतिनिधि परिवार नियोजन को बढ़ावा दें। धारा 24 के तहत नियम है 2 से ज्यादा बच्चे वाले लोग चुनाव नहीं लड़ सकते हैं और वो भी 27 नवंबर 1995 से पहले के बच्चों की संख्या पर डिपेंड करती है।
हालांकि धारा 24 में संसोधन के लिए विधि विभाग को फाइल भेजी हुई है जो अभी प्रक्रियाधीन ही है। यानी अब आने वाले समय में ये रोक हट जाएगी। 2 से ज्यादा बच्चे वाले लोग निकाय चुनाव लड़ सकते हैं। अब देखना ये है कि राजस्थान में अप्रैल से पहले होने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनाव तक ये नियम लागू हो पाएंगे या नहीं।
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