पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस ने कसी कमर, अब घर-घर जाकर बताएगी- ‘नहीं हो रहे चुनाव’

Rajasthan Panchayat Nikay Election 2026: राजस्थान में पंचायत चुनावों की डेडलाइन भले ही सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल फिक्स की हो लेकिन चुनाव के आसार अभी तो ना के बराबर दिखाई दे रहे हैं। अब सरकार को अचानक चुनावों की याद आ जाए तो वो अलग बात है। लेकिन कांग्रेस ने चुनाव के लिए अपनी स्टैटजी तैयार कर ली है। चुनाव आज हों या कल...वो पूरी तरह खुद को तैयार कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की नेतृत्व में वॉर रूम इसकी हर दिन की रिपोर्ट ले रहा है और हर एक गतिविधि को मॉनीटर भी कर रहा है।
क्या है कांग्रेस की रणनीति?
दरअसल कांग्रेस पंचायत और निकाय चुनाव के लिए पदाधिकारियों की फौज खड़ी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी 5 लाख पदाधिकारियों को जमीन पर उतार रही है। इसके लिए पार्टी ने निकाय और पंचायतों के लिए अलग-अलग वर्कशीट बनाई है। पार्टी 14 हजार नई ग्राम पंचायतों में एक अध्यक्ष बनाएगी। दूसरी तरफ 11000 के करीब बाड़ों में एक के अध्यक्ष बनेगा। 21 की कार्यकारिणी के सदस्य बनाए जाएंगे। ऐसी कुल 25 हजार कमेटियां बन रही हैं। जिसमें 5 लाख से ज्यादा पदाधिकारी होंगे। इसकी तैयारी के लिए हर जिलाध्यक्ष और विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष से तालमेल बिठाया जा रहा है।
सबसे ज्यादा एक्टिव लोगों में से ही बनेगा अध्यक्ष
कांग्रेस ग्राऊंड लेवल पर सबसे ज्यादा एक्टिव कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को पहले चिह्नित करेगी और फिर इन्हीं में से अध्यक्ष चुनेगी। इसके साथ ही 21 सदस्यों की कार्यकारिणी भी बनाई जाएगी। इन्हीं सदस्यों में से ही पंचायत और निकाय चुनावों का प्रत्याशी चुना जाएगा। इस कार्यकारिणी का ऐलान जिलाध्यक्ष ही करेंगे।
लोगों को बताएगी कांग्रेस- सरकार चुनाव नहीं करा रही
पंचायत और निकाय चुनाव की इस रणनीति के तहत PCC अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा 1 अप्रैल से ताबड़तोड़ दौरे पर निकलेंगे। पार्टी 5 लाख पदाधिकारियों की फौज को संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान में झोंकने जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा के 1 अप्रैल से दौर शुरू हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त विधानसभा, जिला, ब्लॉक व मंडल प्रभारी भी दौरे करेंगे। इन दौरों में बोटर्स के सामने मुद्दे लाए जाएंगे कि सरकार चुनाव नहीं कराकर उनके वोट देने के अधिकारों का हनन कर रही है, क्षेत्र में विकास काम नहीं हो रहे।
ऐसे किया जाएगा चयन
PCC प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। प्रदेश कोठीस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि सभी विधानसभा ऑब्जर्वर और जिला प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभार क्षेत्र में दौरे करें। वहां बैठकें लें। धरने-प्रदर्शन आदि में शामिल हों, उनकी रूपरेखा बनाएं। ब्लॉक, मंडल व ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं का चयन करें और उनमें से अध्यक्ष के लिए संभावित नाम प्रस्तावित करें।
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