प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन: 19 लाख में से सिर्फ 6.25 बच्चों की निकली लॉटरी, 13 लाख के चेहरों पर मायूसी!

राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली गई है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने खुद बटन दबाकर इसका शुभारंभ किया। इस प्रक्रिया में 6.25 लाख बच्चों की लॉटरी निकल गई। अब वे प्रदेश के 33,137 प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि लॉटरी के लिए प्रदेश भर से 19 लाख 92 हजार 357 एप्लीकेशन मिले थे। जिसमें से इन बच्चों का चयन किया गया लेकिन अब बाकी के 13 लाख से ज्यादा बच्चों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। ये बच्चे भी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इन्हें अब या तो सरकारी स्कूल में एडमिशन लेना होगा या फिर महंगे प्राइवेट स्कूलों की तरफ रुख करना होगा।
11 बच्चे थर्ड जेंडर के
इस लॉटरी सिस्टम 6 लाख 25 हजार 146 बच्चों को एडमिशन मिलेगा। इसमें 3 लाख 29 हजार 165 लड़के हैं। 2 लाख 95 हजार 970 लड़कियां हैं। वहीं 11 बच्चे थर्ड जेंडर के हैं।
आज पाली प्रवास के दौरान आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार) योजना के अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु आयोजित प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया से जुड़कर अधिकारियों की उपस्थिति में पूर्ण पारदर्शिता के साथ लॉटरी निकालकर विद्यार्थियों को प्रवेश के अवसर प्रदान… pic.twitter.com/RpxI1tpX2Z
— Madan Dilawar (@madandilawar) March 12, 2026
मदन दिलावर ने कहा हर गरीब बच्चे को मिलेगी अच्छी शिक्षा
इस लॉटरी प्रक्रिया के लिए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ऑनलाइन जुड़े थे। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि राजस्थान सरकार RTE यानी राइट टू एजूकेशन के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिभावान बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भी अच्छी शिक्षा मिल सके। इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।
मदन दिलावर ने कहा कि बच्चों के अभिभावक इस तरह के अवसर को हाथ से ना जाने दें। इस प्रवेश प्रक्रिया को RTE के तहत पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
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