RPSC पेपर लीक में फंसे बाबूलाल कटारा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत

RPSC पेपर लीक में फंसे बाबूलाल कटारा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत
राजस्थान
23 Mar 2026, 01:08 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

RPSC Babu Lal katara: RPSC पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। कोर्ट ने कटारा की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। ये फैसला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सुनाया हैं। बाबूलाल कटारा पर RPSC की SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामला समेत मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज है। इसी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। बाबूलाल कटारा से ED ने कई ऐसे राज उगलवाए हुए जिनसे राजस्थान की सियासत में उबाल आ गया था।

सेकेंड ग्रेड भर्ती पर जमानत कोर्ट ने की थी मंजूर

इससे पहले बाबूलाल कटारा की सेकेंड ग्रेड भर्ती के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कटारा की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया था। जिसका राजस्थान की भजनलाल सरकार ने कड़ा विरोध किया था। सरकार ने कहा था कि जमानत के बाद कटारा पेपर लीक से जुड़े सबूतों को मिटाने के लिए कुछ भी कर सकता है क्योंकि तब वो बिल्कुल फ्री होगा।

कटारा ने किए थे चौंकाने वाले खुलासे

ED ने अपनी चार्जशीट में कटारा के बताए कई राज को शामिल किया है। कटारा ने ही खुलासा किया था कि उसने कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया को 1.20 करोड़ रुपए दिए थे जिसके बाद उसे RPSC का मेंबर बनाया गया था। ये पैसे उसने खोड़निया को 40-40 लाख करके दिए थे। इतना ही नहीं कटारा ने डूंगरपुर के कई नेताओं को ना भी लिया था., जिन पर कहा था कि RPSC मेंबर बनाने के लिए इन नेताओं से भी संपर्क किया था। इसमें बीजेपी के पूर्व सांसद और वर्तमान विधायक फूलसिंह मीणा, कांग्रेस के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह मालवीया और पूर्व जनजाति मंत्री अर्जुन बामणिया शामिल है।


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