परिवहन निगम कर्मचारियों में गुस्सा! 14 मांगों का ज्ञापन सौंपा, CM भजनलाल और उप-मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन

Rajasthan Transport Corporation Employees Demands: लम्बे समय से अपनी समस्याओं को लेकर परेशान चल रहे राजस्थान परिवहन निगम के कर्मचारियों ने राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन के माध्यम से मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को एक बार फिर से ज्ञापन सौंपा। संगठन ने निगम कर्मचारियों की लम्बे समय से समस्याओं के तुरंत समाधान की मांग की है।
फैडरेशन के अनुसार, पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान और अपनी मांगों को लेकर सरकार और निगम प्रशासन से कई बार लिखित शिकायत की है और ज्ञापन भी दिए हैं। पहले भी अक्टूबर 2024 में उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसके बाद एक 14 बिंदुओं वाले लिखित निर्देश जारी हुए थे, लेकिन परिवहन निगम ने आज तक उनका पालन नहीं किया है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच ये दूरी निगम के संचालन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
कर्मचारी फैडरेशन ने ज्ञापन में अपनी 14 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें अनफेयर लेबर प्रैक्टिस पर तुरंत रोक, सहायक यातायात निरीक्षक पदों पर फर्जी डिग्री की SOG जांच, चालकों का प्रमोशन, 13 हजार रिक्त पदों पर भर्ती, अनुबंधित वाहनों की खरीद रोककर निगम का अपने खुदके वाहन खरीदना, संविदा चालकों को यू.पी. मॉडल की तर्ज पर नियमित करने, का महीने से रोके हुए वेतन का भुगतान, परिचालक वर्ग की पेंडिंग चल रही डीपीसी, 30 उपार्जित छुट्टियां और 300 की सीमा, महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव तथा पुरुष कर्मियों को पितृत्व अवकाश देने की मांग शामिल है।
संगठन ने 18-20 घंटे काम करने वाले चालक-परिचालकों को भी साप्ताहिक छुट्टी या डबल शिफ्ट रेस्ट, अधिश्रम भुगतान, तकनीकी और मंत्रालयिक कर्मचारियों के वेतनमान में खामियों को दूर करने, सेवानिवृत्त कर्मियों को 30 फ्री पास तथा 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पर पेंशन में 5% बढ़ोतरी की मांग भी की है। इसके अलावा कुछ सालों पहले अनुबंधित वाहनों के काम में हुए भ्रष्टाचार की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
फैडरेशन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से यह ज्ञापन भेजा है और इसमें सभी मांगों के जल्द से जल्द निस्तारण की अपील की है।
इस लिंक को शेयर करें

