गहलोत की टिप्पणी पर वसुंधरा राजे का ‘नो कमेंट’, आखिर क्या चल रहा है महारानी के दिमाग में
Vasundhara Raje and Ashok Gehlot: इन दिनों राजस्थान की सियासत में गहलोत और वसुंधरा राजे का नाम छाया हुआ है। सियासी पंडित इसे गहलोत और राजे का गठजोड़ का नाम दे रहे हैं तो जानकार इसे फूड डालो राज करो की नीति बता रहे हैं। अशोक गहलोत ने बीते दिन वसुंधरा राजे को लेकर कहा था कि उन्हें सफाई देने की कोई जरूरत नहीं, इस पर जब वसुंधरा राजे से भारत रफ्तार ने सवाल किया तो उन्होंने चौंकाने वाला रिएक्शन दिया।
बाबा साहेब की जन्मजयंती पर वसुंधरा से सवाल
दरअसल मंगलवार को संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती के मौके पर जयपुर में अंबेडकर सर्किल पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें कांग्रेस और बीजेपी के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं ने बाबा साहेब अमर रहे के नारे लगाए और उन्हें याद किया। वहीं बीजेपी की तरफ से इस मौके पर पूर्व CM वसुंधरा राजे, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, महिला मोर्चा की प्रमुख राखी राठौड़, हवामहल सीट से बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य, विधायक कालीचरण सर्राफ समेत कई नेता मौजूद रहें।
तभी मौके पर भारत रफ्तार के सीनियर रिपोर्टर राकेश चौधरी ने वसुंधरा राजे से जब अशोक गहलोत की इसी टिप्पणी पर सवाल किया तो उन्होंने कुछ देर का पॉज़ लेकर कहा कि ये जगह नहीं है इस सवाल के जवाब की आज नहीं...। ऐसे में अब ये सवाल अपना सिर उठा रहा है कि आखिर वसुंधरा राजे के मन में क्या चल रहा है, वो क्या सोच कर इस सवाल को चुप्पी साध गईं?
गहलोत ने कहा था वसुंधरा को सफाई देने की जरूरत नहीं
दरअसल अशोक गहलोत ने बीते दिन वसुंधरा राजे पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की टिप्पणी पर तंज कसा था। अशोक गहलोत ने जयपुर में अपने आवास पर मीडिया में कई बयानों के तीर छोड़े थे। उनके बयान से साफ था कि उन्होंने वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) का परोक्ष रूप से बचाव तो किया ही साथ ही प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा था कि मेरी नजर में वसुंधरा राजे को सफाई देने की जरूरत ही नहीं। लोग उन्हें समझते हैं, उनकी भावनाओं और संदर्भ को समझते हैं। गहलोत ने आगे कहा कि क्या किसी प्रदेशाध्यक्ष को बार-बार ये कहना चाहिए कि कोई नेता मुख्यमंत्री बनेगा या नहीं। ऐसे मामले में फैसले तो पीएम मोदी या अमित शाह जैसे शीर्ष नेताओं पर छोड़ना चाहिए।
Vasundhara Raje ने दिया था ये बयान
बता दें कि वसुंधरा राजे ने कुछ दिन पहले झालावाड़ में बयान दिया था कि मैं अपना बचा नहीं सकी, मैं नहीं लड़ सकती, जब मेरा ही चला गया। उनके इस बयान पर सब सियासी गर्मी छाई तो प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस पर बयान दिया और कह दिया कि किसे कौन सा पद मिलता है या मिलेगा वो तो विधाता तय करता है। इसके साथ उन्होंने ये कहा कि हमसे झगड़ा क्यों करते हो, अगर करना है तो विधाता से करो।
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