TSP में आरक्षण पर बवाल! गुर्जर समाज की CM को चेतावनी- मांगे नहीं मानीं तो बड़ा आंदोलन

TSP Area Reservation: राजस्थान के टीएसपी इलाकों में आरक्षण का बम फिर फट चुका है। TSP क्षेत्रों में OBC, MBC और EWS को आरक्षण न मिलने का मुद्दा बीते महीने से गरमाया हुआ है। आरक्षण नहीं तो वोट नहीं के नारे के बाद अब गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति सीधे मुख्यमंत्री के दरवाज़े पर जा खड़ी हुई है। समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने मुख्यमंत्री को लेटर लिखा है। जिसमें उन्होंने कई मांगें उठाई हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने शहीद दिवस तक जवाब नहीं दिया तो राजस्थान एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे।
समिति ने क्या लगाए आरोप
समिति का आरोप है कि TSP की मौजूदा आरक्षण पॉलिसी युवा पीढ़ी को सरकारी नौकरियों और कॉलेज एडमिशन से दूर धकेल रही है। समिति ने पत्र में दो टूक कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 कहीं भी ‘निवास आधारित भेदभाव’ की इजाजत नहीं देते। लेकिन हकीकत ये है कि एक ही राज्य में दो तरह की आरक्षण व्यवस्था की जा रही है। एक तरफ पूरा लाभ…दूसरी तरफ सिर्फ पता गलत हुआ तो हक खत्म! समिति ने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री भजनलाल शर्मा जी, #राजस्थान के #TSP क्षेत्र (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही, उदयपुर, राजसमंद आदि) में रहने वाले #MBC, #OBC और #EWS वर्ग के लाखों युवा आज भी सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण से पूरी तरह वंचित हैं।
TSP में… pic.twitter.com/Y9k6C5HGt0
— विजय बैंसला | Vijay Bainsla (@VijaySBainsla) March 16, 2026
विजय बैंसला का सरकार को अल्टीमेटम
इसे लेकर हिंडौन में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निवास पर हुई बैठक में समिति ने सरकार पर गंभीर आरोप जड़े। उन्होंने कहा कि 8 जून 2025 को हुआ समझौता अब धूल खा रहा है। 10 महीने में एक ही बिंदु पर कार्रवाई हुई। यहां तक आरोप लगाया गया कि 2008 और 2016 के मामलों में संपत्ति कुर्की के आदेश तक सरकार ने नजरअंदाज कर दिए। बैठक में साफ फैसला लिया गया कि अगर शहीद दिवस तक सरकार स्थिति साफ नहीं करती, तो संघर्ष समिति सड़कों पर उतरने में देर नहीं लगाएगी।
ऐसे में विजय बैंसला का पत्र साफ कहता है—TSP के युवाओं को सिर्फ ‘निवास’ की वजह से आरक्षण से बाहर रखना असमानता है। MBC, OBC और EWS को वही लाभ मिलना चाहिए जो गैर-टीएसपी इलाकों में मिलता है। समिति का कहना है कि ये विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि गैर-टीएसपी में 64% आरक्षण मिल रहा है लेकिन TSP में सिर्फ SC-ST के लिए 50%, बाकी 50% बिल्कुल अनारक्षित! यही सबसे बड़ा झटका है—ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस के युवा मौके देखते रह जाते हैं।
अब समिति की मांग बिल्कुल सीधी है कि आगामी भर्तियों और एडमिशन में एमबीसी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस का आरक्षण गैर-टीएसपी की तर्ज पर लागू करो। समिति ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस बार सिर्फ फाइलें नहीं हिलाएगी बल्कि फैसला देगी। अब गेंद सरकार के पाले में है। गुर्जर समाज अपनी लाइन खींच चुका है कि मांगें पूरी करो, या आंदोलन के लिए तैयार रहो। राजस्थान की राजनीति में आरक्षण का यह तूफान कितना बड़ा होगा, ये आने वाला समय बताएगा।
इस लिंक को शेयर करें

