TUE, 10 FEBRUARY 2026

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला! योगी आदित्यनाथ से मांगा हिंदू होने का प्रमाण, 40 दिनों में गोमांस एक्सपोर्ट रोकें वरना 'नकली हिंदू' घोषित

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उत्तर प्रदेश
30 Jan 2026, 05:58 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

Avimukteshwaranand Demands Proof of Hindu from Yogi: पिछले 12 दिनों से चल रहे विवाद के बाद अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेला छोड़ दिया है और अब यूपी सरकार पर तीखे सवालों से हमला कर रहे हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को वाराणसी में प्रेस कांफ्रेंस की और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि – उन्होंने मेरे शंकराचार्य होने का सबूत माँगा था, जो मैंने दिया। मेरे दिए गए प्रमाण सही थे, इसलिए सरकार को भी उन्हें मानना पड़ा था। अब मैं कहता हूँ कि मुख्यमंत्री अपने हिंदू होने का प्रमाण दे।


18 जनवरी 2026 को अविमुक्तेश्वरानंद का रथ रोके जाने के बाद उनके शिष्यों को पीटने से शुरू हुआ विवाद शंकराचार्य पद तक पहुँच गया। इसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रामभद्राचार्य पर भी निशाना साधते हुए उनपर गौ-हत्या के समर्थन का आरोप लगाया और उनसे हिंदू होने का प्रमाण माँगा।


अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “हम आपको 40 दिन का समय दे रहे हैं। इन दिनों में आप गो-भक्त होने का प्रमाण दीजिए। अगर प्रमाण नहीं दे पाते, तो समझा जाएगा कि आप नकली हिंदू, कालनेमि, पाखंडी और ढोंगी हैं। सिर्फ दिखावे के लिए आपने गेरुआ वस्त्र धारण किया है।”


अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश से लगातार गो-मांस बाहर सप्लाई हो रहा है। और ये सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने से हो रहा है। योगी और रामभद्राचार्य घेराबंदी करके गोहत्या को रोकने की मांग करने वालों पर हमले कर रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि अगर योगी सच में हिंदू है, तो गौ-माता को राज्य पशु घोषित किया जाए और उत्तर प्रदेश से एक्सपोर्ट हो रहा गौमांस पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाया जाए, नहीं तो उन्हें भी गैर-हिंदू घोषित कर दिया जायेगा। साथ ही कालनेमि वाले सवाल पर कहा कि योगी खुद भी ये साबित करे कि वो खुद कालनेमि नहीं है, या ऐसा कोई काम नहीं कर रहे हैं।


क्या-क्या कहा अविमुक्तेश्वरानंद ने

1. लखनऊ में होगी संतों की बैठक, तय करेंगे असली हिंदू

प्रेस कांफ्रेंस में अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी संत-महंत और आचार्यों को 10 और 11 मार्च को लखनऊ में इकट्ठा होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस संतों की बैठक में ये तय किया जायेगा कि कौन असली हिंदू है, कौन हिंदू सम्राट, और कौन नकली हिंदू है। बैठक में सभी निर्णय लेंगे कि किसे नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए।


2. मेले में जो हुआ, उसको लेकर प्रशासन ने अभी तक माफ़ी नहीं मांगी। उल्टा हमें लालच दिया जा रहा था कि आपके ऊपर फूल बरसाएँगे, अगले साल से शंकराचार्यों के लिए अलग प्रोटोकॉल्स होंगे, आदि। लेकिन हमने मना कर दिया। जिन शिष्यों को पीटा गया है, उनसे माफ़ी मांगिये। अगर वो क्षमा कर देंगे, तो हम भी। लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं किया।


3. उन्होंने कहा कि आजकल बहुत सारे लोग भगवा पहनकर खुदको हिंदू कह रहे हैं। ऐसे लोगों को उजागर करना ज़रूरी है। ऐसा करना हिन्दुओं के साथ धोखा है और यह धोखा खुद को साधु, संत, योगी और भगवाधारी कहने वाले लोग और उनकी पार्टी कर रही है।


4. आज तक के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी शंकराचार्य से सबूत माँगा गया हो। लेकिन आप भी अपने हिंदू होने का सबूत दें। विदेशों में यहाँ का गोमांस सप्लाई होता है। 40 दिनों के अंदर ये गोमांस की सप्लाई रोकिये, तब हम मानेंगे कि आप हिंदू हैं।



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