TUE, 10 FEBRUARY 2026

गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल 'आत्मरक्षा' के लिए बाँट रहा था तलवारें, फिर पुलिस की धरपकड़! वायरल वीडियो के पीछे 10 गिरफ्तार

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राष्ट्रीय
31 Dec 2025, 05:22 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

Ghaziabad Sword Distribution by Hindu Raksha Dal: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में सोमवार को हुए एक विवादास्पद घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी। हिंदू रक्षा दल (Hindu Raksha Dal) के सदस्यों ने अपने कार्यालय के बाहर खुलेआम तलवारें बांटीं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी उर्फ पिंकी चौधरी अभी भी फरार हैं।


पुलिस के अनुसार, 29 दिसंबर को हिंदू रक्षा दल का एक ग्रुप शालीमार गार्डन स्थित अपने कार्यालय पर लोगों को तलवारें वितरित कर रहा था। इस दौरान हिन्दू रक्षा दल ने सोशल मीडिया पर एक विडियो भी पोस्ट किया और लोगों से तलवारें और अन्य धारदार हथियार लेने अपील की। वीडियो में दल के सदस्य तलवारें लहराते नजर आते हैं और नारे लगाते हैं। संगठन ने दावा किया कि यह आत्मरक्षा के लिए है।




उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुई हिंसा (जैसे दीपू दास हत्या मामले) का हवाला देते हुए कहा, "बांग्लादेश जैसी स्थिति भारत में भी आ सकती है।" वीडियो में कुछ सदस्यों ने कहा, ‘हिंदुओं के पास लड़ने के लिए हथियार होना चाहिए" और "हिंदू रक्षा दल हिंदू समाज की रक्षा करेगा"। शुरू में हिन्दू रक्षा दल अपने कार्यालय से तलवारें बाँट रहा था, लेकिन इस तरह ज्यादा समय लगने पर दल ने घर-घर जाकर तलवार और अन्य हथियार बांटे। कहा जा रहा है कि HRD ने 250 से अधिक तलवारें बांटी है।




शालीमार गार्डन के एसीपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सोशल मीडिया से सूचना मिलते ही तुरंत जांच शुरू की गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सबूत जुटाए और कानून-व्यवस्था को खतरे में डालने वाली गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की। जांच में पता चला कि हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन और वितरण किया जा रहा था, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। वायरल वीडियो से सूचना मिलते ही 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने छापेमारी की। पुलिस ने प्रकरण में 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनसे 8 तलवारें बरामद कीं।


शालीमार गार्डन थाने में पिंकी चौधरी सहित 16 नामजद और 25-30 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2) (दंगा), 191(3) (हथियार सहित दंगा) और अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार सदस्यों में कपिल कुमार, श्याम प्रसाद, अरुण जैन, रामपाल, अमित सिंह, अमित कुमार, अमित अरोरा, मोहित कुमार, देवेंद्र बघेल और उजाला सिंह शामिल हैं।


मामले में मुख्य आरोपी पिंकी चौधरी फ़िलहाल फरार चल रहा है। जांच में पता चला कि पिंकी चौधरी के निर्देश पर ही यह कार्यक्रम हुआ।


यह घटना सांप्रदायिक तनाव के बीच हुई है। विपक्षी नेताओं ने इसे अल्पसंख्यकों को डराने की साजिश बताया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री की निगरानी बढ़ा दी है और आगे गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है। एसीपी अतुल सिंह ने कहा - हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रख रहे हैं। अगर कोई भी इस तरह के वीडियो प्रसारित करते या लोगों को हथियार उठाने के लिए उकसाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


फ़िलहाल पुलिस मामले में जाँच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश कर रही है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने की अपील की है।


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